सोमवार को गंगा में होगा विसर्जन, विश्व कल्याण की कामना के साथ किया था स्थापित
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखनगर। झोपड़ी वाले बाबा के नाम से प्रसिद्ध संत महंत तारागिरी महाराज ने नौ टन वजनी पार्थिव शिवलिंग को हरिद्वार के लिए रवाना किया। इसे शनिवार देर रात बड़ी क्रेन की सहायता से ट्रक में लोड किया गया। सोमवार को हरिद्वार में मां गंगा में इसका विसर्जन किया जाएगा।
शिवलिंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में शिव भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। महंत तारागिरी महाराज ने यह शिवलिंग सावन मास में विश्व कल्याण की कामना के साथ स्थापित किया था। उन्होंने कहा, यह पार्थिव शिवलिंग हमारी आस्था और भक्ति का प्रतीक है। हमने इसका निर्माण देश में सुख-शांति और सभी के कल्याण के लिए किया था। महंत ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार, पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजन करने से हजार अश्वमेध यज्ञ के बराबर फल मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह शिवलिंग इतना विशाल है। क्षेत्र में पहली बार इतने बड़े पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और विसर्जन हो रहा है।
विसर्जन का महत्व
मान्यता है कि पार्थिव शिवलिंग का पूजन करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पूजन के बाद विधि-विधान से गंगा में विसर्जन अति फलदायी होता है। नौ टन वजन के कारण इसे हाथों से उठाना संभव नहीं था। इसलिए क्रेन मंगवाकर सावधानी से ट्रक में लोड किया गया।