ग्रुप हाउसिंग कॉलोनी में व्यावसायिक गतिविधियां की जा रही थीं संचालित
डीटीपी प्रवर्तन ने पार्श्वनाथ एक्सोटिका और सन सिटी में की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) प्रवर्तन ने बृहस्पतिवार को ग्रुप हाउसिंग कॉलोनी में मदर डेयरी के बूथ और डेंटल क्लीनिक सहित अन्य प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने पर पांच दुकानों और चार भूखंडों में सीलिंग की कार्रवाई की। इन भूखंड स्वामियों को चेतावनी दी गई है कि अगर सील से छेड़छाड़ की गई तो मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्यमंत्री विंडो पर शिकायत की गई थी कि पार्श्वनाथ एक्सोटिका और सनसिटी में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इससे वहां के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बृहस्पतिवार को डीटीपी प्रवर्तन की टीम थाना सेक्टर-53 के पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। पार्श्वनाथ एक्सोटिका में मदर डेयरी के बूथ, ग्रॉसरी की दुकान सहित तीन दुकानें चल रही थीं। इनको सील कर दिया गया। सन सिटी में आवासीय भूखंड में डेंटल क्लीनिक, पीजी सहित ऑफिस संचालित हो रहे थे। इनको भी सील कर दिया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) के अभियंता बलराज मौजूद थे। डीटीपी प्रवर्तन मनीष यादव ने बताया कि अभियान अभी जारी रहेगा। ऐसे भूखंड चिह्नित किए जा रहे हैं जहां व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं। इस मौके पर एटीपी दिनेश सिंह, जेई राजन आदि मौजूद थे।
अदालत ने व्यावसायिक गतिविधियों पर अपनाया सख्त रुख
विभाग की तरफ से भेजे जा रहे सीलिंग के नोटिस के बाद लोगों ने बचाव के लिए कोर्ट में याचिका डालनी शुरू की थी। अब तक करीब 25 याचिका दायर हो चुकी हैं। विभाग इस बार कोर्ट केसों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरत रहा है। कोर्ट में किसी भी सूरत में स्टे न हो, इसे लेकर पूरी पैरवी की जा रही है। विशेष बात यह है कि कोर्ट ने भी रिहायशी मकानों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए अब तक किसी मामले में स्टे नहीं दिया।
750 से ज्यादा को दिया नोटिस
डीटीपी प्रवर्तन कार्यालय की तरफ से डीएलएफ फेज-1, फेज-2, फेज-3, फेज-4, सुशांत लोक फेज-1, फेज-2, फेज-3, सनसिटी, साउथ सिटी, विपुल वल्र्ड, उप्पल साउथएंड, वाटिका इंडिया नेक्स्ट समेत विभिन्न लाइसेंस कालोनियों के रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने पर अब तक करीब 750 से अधिक नोटिस दिए जा चुके है।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मुख्यालय की तरफ से रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियों पर ठोस कार्यवाही के निर्देश है। ऐसे में डीटीपी प्रवर्तन की जिम्मेदारी तय की हुई है कि रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियों पर किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। - रेणुका सिंह, वरिष्ठ नगर योजनाकार