क्लबों पर हुए हमले आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) की साजिश का हिस्सा था, ताकि हरियाणा और पड़ोसी क्षेत्रों में हिंसा फैलाकर शांति भंग की जा सके। एनआईए की जांच में पता चला है कि यह बड़ी साजिश गोल्डी बरार और उसके साथियों द्वारा रची गई थी।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हरियाणा के गुरुग्राम के दो क्लबों पर बम हमलों से संबंधित 2024 के मामले में खालिस्तानी आतंकी गोल्डी बरार समेत पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। एनआईए ने शुक्रवार को पंचकूला की एक अदालत में दाखिल किए अपने आरोपपत्र में सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बरार के अलावा सचिन तालियान, अंकित, भाविश और अमेरिका निवासी रणदीप सिंह उर्फ रणदीप मलिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), शस्त्र अधिनियम के साथ-साथ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।
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अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में आतंकी गोल्डी और मलिक को छोड़कर अन्य सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। एनआईए ने आरोपियों को 10 दिसंबर, 2024 को हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर 29 में वेयरहाउस क्लब और ह्यूमन क्लब को बम से निशाना बनाने की साजिश में शामिल पाया। यह आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) की साजिश का हिस्सा था, ताकि हरियाणा और पड़ोसी क्षेत्रों में हिंसा फैलाकर शांति भंग की जा सके। एनआईए की जांच में पता चला है कि यह बड़ी साजिश गोल्डी बरार और उसके साथियों द्वारा रची गई थी।
एनआईए की जांच के मुताबिक, यह आतंकी सिंडिकेट, धन उगाही, आतंकी फंड जुटाने, विस्फोटक और हथियार और गोला-बारूद खरीदने और देश की अखंडता, सुरक्षा (आर्थिक सुरक्षा सहित) और संप्रभुता को खतरे में डालने के लिए आम लोगों के बीच आतंक को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से शामिल है। एनआईए द्वारा आतंकवाद विरोधी मामले में अपनी जांच जारी रखी है।