गुरुग्राम। मन अशांत और विचार नकारात्मक हैं तो अपने इष्टदेव के मंत्रों का जप करें, मन शांत हो जाएगा। जो लोग अपने इष्टदेव के नाम और उनके मंत्र जपते हैं, भजन, पूजा-पाठ और ध्यान करते हैं, उन्हें शांति जरूर मिलती है। शांति चाहते हैं तो इच्छाएं छोड़कर अपने इष्टदेव के नामों का जप करना चाहिए। सेक्टर-4 स्थित वैश्य धर्मशाला में आयोजित श्री मद्भागवत कथा के कथा व्यास पं. मनमोहन ब्रजवासी ने शुकदेव और राजा परीक्षित की कथा के दौरान ये बातें कहीं। सेक्टर-82 स्थित वाटिका इंडिया नेक्सट में आयोजित श्री मद्भागवत कथा यज्ञ में कथा व्यास पं. विष्णु दत्त त्रिवेदी ने शुकदेव और परीक्षित कथा और शिव पार्वती चरित्र पर चर्चा की। संवाद