तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल ने वर्ष 1994 में नगीना को बनाया उप तहसील
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। हरियाणा सरकार ने क्षेत्र वासियों की कई दशक पुरानी मांग को सिरे चढ़ाने के लिए नगीना को पूर्ण तहसील और सबडिवीजन बनाने की रिपोर्ट अधिकारियों से मांगी है। उम्मीद है कि नए साल में नगीना क्षेत्र के 68 गांवों के किसानों को बड़ी सौगात मिल सकती है। इसे लेकर क्षेत्र के किसानों ने अधिकारियों से मिलना शुरू कर दिया है ताकि इस बार कोई कोर कसर अधिकारियों और सरकार की तरफ से नहीं रह जाए। उल्लेखनीय है कि सबसे पहले नगीना उप तहसील का दर्जा बढ़ाने की घोषणा पूर्व वित्त मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने 27 जनवरी 2007 में की थी। इसके बाद 22 नवंबर 2020 को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने किसान महारैली में उप तहसील को सबडिवीजन बनाने की घोषणा की थी। उल्लेखनीय है कि फरवरी 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल ने नगीना को उप तहसील बनाने की घोषणा की थी। एक नवंबर 1966 में अलग राज्य बनने के बाद हरियाणा में 64 उप तहसीलों का दर्जा बढ़ा है।
14 जून को हुई पहली रजिस्ट्री :- हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने नगीना को 1 अप्रैल 1994 को उप तहसील का दर्जा दिया। जहां 14 जून 1994 को तत्कालीन नायब तहसीलदार राकेश शर्मा ने प्रथम रजिस्ट्री की। फिरोजपुर झिरका के तत्कालीन एसडीएम पीके शर्मा ने 22 मार्च 1995 को सालाना रिपोर्ट भेजी थी। हरियाणा गठन के बाद प्रदेश में 64 उप तहसीलों को तहसील बनाया है। अब प्रदेश में 94 तहसील व 50 उप तहसील हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग हरियाणा को सैकड़ों ज्ञापन मिले हैं, इनमें 24 जिला उपायुक्त नूंह के माध्यम से भेजें गए हैं।
सरकार से जगी उम्मीद :- वरिष्ठ अधिवक्ता अली मोहम्मद, पूर्व सरपंच जमील अहमद धोलपोश, सामाजिक कार्यकर्ता इलियास प्रधान ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की नई सरकार द्वारा रिपोर्ट मांगना उनकी गंभीरता को दर्शाता है। हमेशा नगीना को दरकिनार किया जाता रहा है अब जाकर थोड़ी बहुत उम्मीद बनी है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल ने किसानों को आकार दिया था।
दो दशक से चल रहे आंदोलन :- क्षेत्र के लोग दो दशक से नगीना को पूर्ण तहसील बनाने के लिए संघर्ष करते रहे हैं। इसके लिए दर्जनों बार बड़े आंदोलन भी हुए हैं। उप तहसील की जनसंख्या दो लाख है। उप तहसील को तहसील बनाने के लिए नगीना गोहरवाली चौक, बड़कली चौक पर लंबे संघर्ष हुए हैं। वहीं, फरवरी 2013 में मेवात आरटीआई मंच एवं मौजी फाउंडेशन ने छह दिवसीय आमरन अनशन भी किया था।
क्षेत्र के किसानों की मांग को कई बार आलाधिकारियों के पास भेजा है। अभी इस मामले में रिपोर्ट भेजी जा रही है। उम्मीद है कि नए साल में नगीना को सौगात मिल जाए। उप तहसील पूर्ण तहसील व उपमंडल बनने के मापदंड पूरे हैं। -गौरव रोजरा, उप तहसीलदार नगीना