मौसम सुहाना बनाने वाली बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखनगर। बारिश से मौसम तो सुहाना हो गया है लेकिन किसानों के लिए यह आफत बन गई है। खेतों में अभी-अभी अंकुरित हुई सरसों की फसल बारिश के पानी में डूबकर नष्ट हो गई है। लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया, जिससे सरसों के छोटे पौधे गल गए। कई खेतों में बीज भी सड़ गया है।
किसानों को अब दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी, जिससे उनकी लागत दोगुनी हो जाएगी। स्थानीय किसान ने बताया कि सरसों की बोई गई फसल का सारा बीज गल गया है। अब ऐसे में दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी। उन्होंने दोबारा बुवाई के खर्च को लेकर चिंता जताई। किसानों ने सरकार से मौका मुआयना कर नुकसान का मुआवजा और बीज पर सब्सिडी देने की मांग की है।
बारिश से गल गया सारा बीज
मैंने चार एकड़ में सरसों की बुवाई की थी, फसल अभी अंकुरित ही हुई थी। बारिश से सारा बीज खेत में ही गल गया है। अब फिर से बीज लाकर दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी। - प्रहलाद यादव, खेड़ा, किसान
मौसम तो ठंडा और अच्छा हो गया है, पर हमारे लिए ये बारिश आफत है। मेरी तीन एकड़ में सरसों ने अभी-अभी अंकुर फोड़ा था, सारी फसल पानी में डूबकर खराब हो गई। - परिक्षित, हाजीपुर-पातली, किसान
परिक्षित , हाजीपुर- पातली
परिक्षित , हाजीपुर- पातली