जिला सचिवालय के शौचालयों में पसरी गंदगी, एक को स्टोर रूम में किया तब्दील
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। सरकार के शौच मुक्त भारत बनाने का अभियान शहर के सरकारी कार्यालयों में दम तोड़ रहा है। जिला सचिवालय हो या शहर में अन्य सरकारी कार्यालय, इनमें शौचालयों की व्यवस्थाएं कागज पर हैं। कहीं शौचालयों में ताला जड़ा हुआ है तो कहीं इसे स्टोर रूम में तब्दील कर दिया गया है। कहीं शौचालयों से इतनी बदबू आती है कि लोगों ने उसमें जाना छोड़ दिया है। इसी को लेकर शुक्रवार को संवाद की टीम ने इन कार्यालयों की पड़ताल की, जिसमें स्थिति दयनीय नजर आई। टीम सबसे पहले जिला सचिवालय पहुंचीं, वहां पर उपायुक्त कार्यालय की मंजिल हो या अतिरिक्त उपायुक्त या फिर एसडीएम कार्यालय की मंजिल, सभी जगह खराब हालात पाए गए।
अधिकतर शौचालयों पर जड़ा ताला : जिला सचिवालय की प्रत्येक मंजिल पर महिला, पुरुष व दिव्यांगों के लिए शौचालय बने हुए हैं। वहीं, अधिकारियों के कार्यालयों में अलग से शौचालय हैं। आमजन व सामान्य स्टाफ के लिए प्रत्येक मंजिल पर 12 शौचालय हैं। इनमें से अधिकांश पर ताले लटके हुए हैं, जो प्रयोग में हैं उनमें सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण बदबू आती है। पड़ताल में पाया कि महिला शौचालय 6 व 7 पर ताला लटका हुआ है। पुरुष शौचालय 7 पर भी ताला लगा हुआ है। वहीं दूसरे तल पर उपायुक्त, शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग समेत अनेक कार्यालय हैं। इस पर शिक्षा विभाग के पास बने हुए शौचालय 9 में गंदगी पसरी है, वहीं इसमें एक चारपाई खड़ी पाई गई। वहीं महिला शौचालय की हालत भी खराब है, जिसके चलते महिला स्टाफ ने दिव्यांगों के शौचालयों पर कब्जा किया हुआ है।
बाल भवन में शौचालय बना स्टोर रूम : नूंह शहर में बने बाल भवन के द्वितीय तल पर बने शौचालय को विभाग ने स्टोर रूम बनाकर उस पर ताला जड़ दिया है। जिसके कारण महिला और पुरुष सभी एक शौचालय का प्रयोग करते हैं, जिसकी सफाई भी सही से नहीं होती है। इसके अतिरिक्त पुराने उपायुक्त कार्यालय में बने रेडक्रॉस भवन, कृषि विभाग, नूंह खंड विकास एवं पंचायत विभाग, सिंचाई विभाग समेत अन्य कार्यालयों में महिला के लिए बने शौचालय बंद है या फिर उनमें गंदगी पसरी हुई है। जिसके कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
नूंह शहर में नहीं है सार्वजनिक शौचालय : नूंह शहर में कहीं भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है। सब्जी मंडी के पास चार दीवारें खड़ी कर शौचालय बनाए गए हैं, लेकिन उनमें गंदगी का यह आलम है कि लोग उनकी बजाय खुले में शौच करते हैं। बाजार में आने वाली महिलाओं को इस वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
फोटो: जिला सचिवालय के महिला शौचालयों पर जड़ा ताला।
फोटो: बाल भवन में बने शौचालय पर ताला लगाकर बनाया स्टोर रुम।
फोटो: नूंह सब्जी मंडी के पास बने सार्वजनिक शौचालयों की हालत।