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Gurugram : नूंह हिंसा पर दुष्प्रचार में जुटे थे 12 से ज्यादा पाकिस्तानी सोशल मीडिया खाते, निशाने पर यू-ट्यूबर

Sun, 13 Aug 2023 06:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

हिंसा की जांच कर रही पुलिस और अन्य एजेंसियों के हाथ कुछ ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट लगे हैं, जिनसे साफ पता चला है कि सरहद पार से भी नूंह हिंसा के पीछे उनके दुष्प्रचार का हाथ था।
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Nuh Violence file pic - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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नूंह हिंसा में पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है। हिंसा की जांच कर रही पुलिस और अन्य एजेंसियों के हाथ कुछ ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट लगे हैं, जिनसे साफ पता चला है कि सरहद पार से भी नूंह हिंसा के पीछे उनके दुष्प्रचार का हाथ था। हिंसा के बाद इन सोशल मीडिया अकाउंट पर बधाई संदेश भी जमकर प्रचारित किए गए। अहसान मेवाती पाकिस्तान नामक यू-ट्यूबर जांच एजेंसियों के निशाने पर है। हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है।

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नूंह में जलाभिषेक यात्रा के दौरान 31 जुलाई को श्रद्धालुओं पर समुदाय विशेष के लोगों ने जमकर पथराव किया था। मंदिर में फंसे श्रद्धालुओं पर फायरिंग तक की गई थी। सड़क पर आने-जाने वाले लोगों को पीटने के साथ उनके वाहनों को जला दिया गया। इस हिंसा में दो होमगार्ड जवानों समेत छह लोगों की मौत हुई है। 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। एक डीएसपी और एक इंस्पेक्टर भी दंगाइयों की गोली से घायल हुए। कई अन्य पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोट आई थीं।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नूंह में हिंसा को भड़काने की कोशिश पाकिस्तान के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से हुई। इनमें कुछ फेसबुक, कुछ इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप और कुछ ट्विटर अकाउंट शामिल हैं। जांच में पता चला है कि मेवात और इसके आसपास राजस्थान के इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले से ही विभिन्न धार्मिक संदेश जारी करके भड़काया जाता था।
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सूत्र बताते हैं कि इन फेसबुक अकाउंट के वीडियो को हरियाणा और राजस्थान के युवक बड़ी संख्या में देखते थे। इन पर गो-रक्षकों को काफिर बताते हुए उन्हें दंडित करने का आह्वान इन लोगों से किया जाता था। अहसान मेवाती पाकिस्तान ऐसा ही एक यू-ट्यूबर है। इसने हिंसा भड़काने संबंधी संदेश प्रसारित किए। हालांकि इनमें से अब ज्यादातर को डिलीट कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस अकाउंट से डिलीट किए डाटा को रिकवर करने का प्रयास कर रही है।

भ्रामक ट्वीट करने वाले को जमानत, शेयर करने वाले को भेजा गया जेल
पुलिस आयुक्त के नाम पर भ्रामक तथ्यों के आधार ट्वीट करने वाले एक न्यूज चैनल के पत्रकार मुकेश कुमार को जमानत दे दी गई है। इस पोस्ट को अपने फेसबुक पेज पर शेयर करने वाले गुरुग्राम निवासी हिंदूवादी नेता ऋतुराज अग्रवाल को कोर्ट ने जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार नूंह दंगों के बाद साइबर क्राइम टीम ने सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक जानकारियां डालने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ऋतुराज की ओर से जमानत याचिका पेश करने वाले वकील कुलभूषण भारद्वाज ने दलील रखी कि जिस मुकेश कुमार ने ट्वीट किया था उसे जमानत मिल चुकी है। इसी आधार पर उनके मुव्वकिल को जमानत दी जाए लेकिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने यह दलील नहीं मानी।

नूंह से हटाया टेंट, पोंडरी-नौरंगाबाद के पास हिंदू महापंचायत की तैयारी
नूंह हिंसा को लेकर छपरा गांव के पास किरा गोशाला में होने वाली हिंदू सर्वजातीय महापंचायत की तैयारी अब पलवल जिले में हथीन उपमंडल के पोंडरी-नौरंगाबाद गांवों के पास की जा रही है। रविवार 13 अगस्त को होने वाली इस महापंचायत के लिए टैंट लगाने का काम शुरू हो गया है। प्रशासन ने बिना अनुमति आयोजन न होने देने की चेतावनी दी है। इससे पहले नूंह के छपरा में इस महापंचायत के आयोजन की तैयारियां थीं। वहां धारा-144 लागू होने और प्रशासनिक अनुमति नहीं होने की बात कहकर पुलिस-प्रशासन ने टैंट हटवा दिए थे। भाजपा नेता मोतीराम शर्मा ने बताया कि अध्यक्षता 52 पालों के चौधरी अरुण जेलदार करेंगे। इसमें पलवल, नूंह, गुरुग्राम, रेवाड़ी, दिल्ली, फरीदाबाद के हिंदू प्रतिनिधि भाग लेंगे। 

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