जिला स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय भेजी एमटीपी किट संबंधी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। एमटीपी किट (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) की ऑनलाइन सप्लाई मामले में अभी तक आरोपियों ने खुलासा किया है कि उन्होंने गुरुग्राम सहित हरियाणा के कई जिलों में 50 से अधिक एमटीपी किट ऑनलाइन माध्यम से भेजी हैं।
एमटीपी किट ऑनलाइन सप्लाई मामले में जिला स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी है। मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों अपूर्व उपाध्याय, सत्यम त्रिपाठी व विपुल त्यागी को ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग और गुरुग्राम पुलिस की टीम मामले में जांच कर रही है। तीनों आराेपियों ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं, जिनके आधार पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम आगे की कार्रवाई कर रही है।
बता दें कि बीते बुधवार को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से हरियाणा में एमटीपी किट (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) की ऑनलाइन सप्लाई होने का भंडाफोड़ हुआ था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एमटीपी किट सप्लाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वयं ही किट को ऑनलाइन मंगवाया। इसके बाद सबूतों के साथ उत्तर प्रदेश के बंदायू से आरोपी अपूर्व उपाध्याय (वेबसाइट मालिक) को और गाजियाबाद से दो आरोपियों सत्यम त्रिपाठी व विपुल त्यागी को गिरफ्तार करके पूछताछ की गई थी। तीनों आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-40 थाना में संबंधित धाराओं के तहत दो मामले दर्ज किए गए थे।
सात फरवरी को स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली कि गुरुग्राम में एमटीपी किट की अवैध रूप से ऑनलाइन सप्लाई की जा रही है। एमटीपी एक्ट के जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुमित धनखड़ ने एमटीपी किट की अवैध ऑनलाइन बिक्री की जांच की जिम्मेदारी ड्रग्स कंट्रोल अधिकारी गुरुग्राम-1 अमनदीप चौहान को सौंपी थी। मामले में जांच करते हुए ऑनलाइन माध्यम से एमटीपी किट मंगवाई गई और किट की डिलीवरी होने पर जिला स्वास्थ्य विभाग और गुरुग्राम पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
बिना डॉक्टर के पर्चे के एमटीपी किट बेचना अपराध
बिना डॉक्टर के पर्चे और आयु प्रमाण के गर्भपात की गोली बेचना अवैध व दंडनीय अपराध है। किट में मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल की संरचना वाली गोलियां शामिल हैं जो गर्भावस्था के लिए आवश्यक महिला हार्मोन प्रोजेस्टेरोन को अवरुद्ध करती हैं। ये गोली महिलाओं के लिए घातक साबित हो सकती हैं। ऐसे में तीनों आरोपी एमटीपी किट को बिना डॉक्टर के पर्चे के अवैध रूप से ऑनलाइन बिक्री कर रहे थे।
वर्जन
अवैध रूप से ऑनलाइन माध्यम से एमटीपी किट बिक्री मामले में जांच की जा रही है। मामले में संलिप्त अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. विरेंद्र यादव, सीएमओ, गुरुग्राम।