एनआईए ने 1 लाख और हरियाणा पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम कर रखा था घोषित
कौशल गैंग का है मुख्य सदस्य, 1 अवैध पिस्टल व 6 जिन्दा कारतूस बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अपराध शाखा 39 की टीम ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के एक लाख और हरियाणा पुलिस के 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश को शुक्रवार की रात को चोरी की बाइक व अवैध हथियार के साथ दबोचा है। बदमाश संदीप उर्फ बंदर दो साल से फरारी काट रहा था। जेल में बंद गैंगस्टर कौशल के लिए लूट,हत्या, फिरौती की वारदात को अंजाम दे रहा था। सीआईए टीम आरोपी को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर जांच में जुटी है। साथ में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण को उसकी गिरफ्तारी की सूचना भेजी है।
एसीपी क्राइम वरुण दहिया ने बताया कि अपराध शाखा 39 के प्रभारी इंस्पेक्टर पंकज के नेतृत्व में छापामारी करके सेक्टर-39 गुरुग्राम से एक मोटरसाईकिल पर सवार डेढ़ लाख रुपयों के ईनामी कुख्यात बदमाश संदीप उर्फ बंदर निवासी नाहरपुर रूपा (उम्र 37 वर्ष) को अवैध हथियार सहित काबू करने में बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस टीम ने बाइक सवार कुख्यात बदमाश के कब्जे से 1 अवैध पिस्टल व 6 जिन्दा कारतूस बरामद किए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना सदर, गुरुग्राम में शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया। जहां पर उसे रिमांड पर लेकर जांच में जुटी है।
कौशल गैंग के लिए करता था काम
पुलिस के अनुसार कुख्यात इनामी बदमाश से प्रारंभिक पूछताछ में व इसके आपराधिक रिकॉर्ड के अवलोकन से इसके खिलाफ गुरुग्राम व दिल्ली में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती की योजना, फिरौती मांगने, धमकी देने, पुलिस के साथ मुठभेड़ व अवैध हथियार रखने इत्यादि संगीन अपराधों की वारदातों को अंजाम देने के करीब 1 दर्जन अभियोग अंकित है। पूछताछ में पुलिस को पता चला है यह कुख्यात गैंगस्टर कौशल व अमित डागर के गांव (नाहरपुर रूपा) का ही रहने वाला है। इन गैंगस्टर्स के साथ इसके अच्छे संपर्क है। यह इन्ही गैंगस्टरों के गिरोह का मुख्य सदस्य भी है और कौशल के लिए अवैध वसूली करता है। यह वर्ष-2007 में अपराध की दुनिया में आया और उसके बाद से लगातार संगीन वारदात को अंजाम देने में सक्रिय है। यह पहले कई बार जेल जा चुका है । सितंबर-2021 में जमानत पर जेल से बाहर आया था और जेल से बाहर आने के बाद फिर से आपराधिक वारदातों को अंजाम देने लगा।
पंजाब और हिमाचल में काटी थी फरारी
पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला है कि संदीप उर्फ बंदर नाहरपुर रूपा गांव का रहने वाला है। एनआईए की टीम उसके आवास पर कई बार छापामारी कर चुकी है। सितंबर 2021 में जमानत पर बाहर आने के बाद से वह फरार था। इस दौरान कौशल और अमित डागर के लिए काम करता था। ज्यादा समय पंजाब और हिमाचल में काटा है ।
टीम को मिलेगा सम्मान
अपराध शाखा की टीम उसकी फरारी के दौरान का रिकार्ड खंगाल रही है। पुलिस आयुक्त ने उसे गिरफ्तार करने वाली टीम की सराहना की है। साथ ही टीम को प्रशंसा पत्र के साथ इनाम दिया जाएगा। - कला रामचन्द्रन , पुलिस आयुक्त, गुरुग्राम।