वर्षा जल प्रबंधन मजबूत करने को जीएमडीए ने आरडब्ल्यूए के साथ की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा सरकार के प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डीएस ढेसी ने विभिन्न ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों की आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वर्षा जल संचयन प्रणालियों की कार्यक्षमता और मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। इसमें निर्णय लिया गया कि चयनित ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसी तरह अन्य सोसाइटी में लोग खुद करेंगे।
पिछले छह महीनों में आरडब्ल्यूए के साथ आयोजित यह तीसरी समीक्षा बैठक थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सोसाइटियों में स्थापित वर्षा जल संचयन प्रणालियां निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कर रही हैं। मानसून के दौरान वर्षा जल का प्रभावी प्रबंधन किया जा सके। डीएस ढेसी ने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले सभी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जांच कर ली जाए और जहां भी तकनीकी खामियां हों, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने आरडब्ल्यूए को हार्वेस्टिंग पिट्स और उनसे जुड़ी संरचनाओं की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही भवनों की छतों पर एकत्रित होने वाले वर्षा जल को भी हार्वेस्टिंग पिट्स तक पहुंचाने की व्यवस्था करने पर जोर दिया।
हाइड्रोलॉजिस्ट दलवीर सिंह राणा ने बताया कि सही ढंग से निर्मित और अनुरक्षित वर्षा जल संचयन प्रणाली के माध्यम से लगभग 25 लीटर प्रति सेकंड पानी को भूमि में समाहित किया जा सकता है। इससे जलभराव की समस्या कम होती है और शहर की ड्रेनेज व्यवस्था पर दबाव घटता है। बैठक में यह भी बताया गया कि जीएमडीए द्वारा विभिन्न ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निरीक्षण किया जा चुका है और आरडब्ल्यूए के सहयोग से नियमित निगरानी जारी है। तैयारियों को और बेहतर बनाने के लिए सभी आरडब्ल्यूए को अपनी-अपनी सोसाइटियों में मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत हार्वेस्टिंग पिट्स में पानी छोड़कर यह जांच की जाएगी कि प्रणाली प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है या नहीं तथा भूजल पुनर्भरण में कितनी सक्षम है।
भूजल स्तर सुधार के साथ जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी
डीटीपी आरएस बाठ ने बताया कि जीएमडीए और सिंचाई विभाग की ओर से हाइड्रोलॉजिस्ट की उपस्थिति में एक चयनित ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। यह अन्य सोसायटियों के लिए मॉडल के रूप में कार्य करेगी। बैठक के अंत में ढेसी ने कहा कि मानसून के मद्देनजर सभी आरडब्ल्यूए को समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी करनी चाहिए। आवासीय परिसरों में वर्षा जल संचयन प्रणालियों का प्रभावी संचालन न केवल भूजल स्तर को सुधारने में मदद करेगा, बल्कि शहर की सड़कों पर वर्षा जल के बहाव और जलभराव की समस्या को भी कम करेगा। बैठक में जिला नगर योजनाकार आरएस बाठ, अधीक्षण अभियंता सुधीर रांसलीवाल, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के हाइड्रोलॉजिस्ट दलवीर सिंह राणा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और 20 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली 30 से अधिक ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि मौजूद रहे।