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मनरेगा घोटाला: उमरा की पूर्व सरपंच पर केस दर्ज

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फर्जी जाॅब कार्ड बनाकर किया लाखों का गबन
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की सिफारिश पर गांव उमरा की पूर्व सरपंच शाइस्ता के अलावा यासिर, असलम लेखा सहायक, अरशद लेखा सहायक व साजिद एबीपीओ के खिलाफ मनरेगा के दस्तावेज जमा नहीं करने और मनरेगा में लाखों रुपये का गबन करने के मामले में नगीना पुलिस थाना में केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि पूर्व सरपंच शाइस्ता पर तीन लाख 38,653 रुपये के मनरेगा योजना के तहत बच्चों, सरकारी कर्मचारी, दिव्यांगों के जाॅब कार्ड बनाकर बैंक व पंचायत विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करके गबन किया है। पिछले करीब दो साल से लगातार शिकायत चल रही थी। शिकायतकर्ता अरशीदा पत्नी सालिम ने बताया कि पंचायत विभाग ने उमरा गांव में लाखों रुपये के विकास कार्य कराए थे। मनरेगा योजना के कार्य में महिला सरपंच नियम कानून को हाथ में लेकर फर्जी जॉब कार्ड बनाए, जांच में जिन्हें पकड़ लिया। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने गरीब जनता के साथ न्याय करते हुए पूर्व सरपंच सहित संलिप्त लोगों पर शिकंजा कसा है। नगीना पुलिस थाना के जांच अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि उमरा की पूर्व सरपंच व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, इन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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ऐसे की घोटाले की शुरुआत
शिकायतों के अनुसार, सबसे पहले सरपंच मनरेगा कार्य की परमिशन लाने का काम करते हैं। जब इस कार्य की शुरुआत की गई तो इसमें सरपंच व मेट लोगों से बिना बताए जाब कार्ड बनवाते हैं। बाद में फर्जी तरीके से कागजों में हाजिरी दिखाकर कामगार के कागजों को संबंधित अधिकारियों से मिलीभगत से पास कराया जाता है। जब रुपये कामगारों के खातों में आ गए तो बिना बताए उन रुपयों को निकाल लिया। मनरेगा में धांधली का कार्य वर्ष 2019 से लेकर 2022 तक खूब चला था।
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कैपशनः गांव के उमरा के जोहड़ में हुआ मनरेगा कार्य
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