बच्चों का डाटा एमआईएस और यू डाइस पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा में अब स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पढ़ाई बीच में नहीं रुकेगी। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने आउट ऑफ स्कूल बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए हैं कि ऐसे बच्चों की पहचान कर उनका तुरंत पंजीकरण किया जाए और उनकी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रखी जाए।
नई व्यवस्था के तहत जिन बच्चों की पढ़ाई किसी कारण से छूट गई है, उन्हें उनकी आयु के अनुसार नियमित कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाया जाएगा ताकि वे शिक्षा से दूर न हों। साथ ही उनकी शैक्षणिक कमी को पूरा करने के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्रों और ब्रिज कोर्स की सुविधा भी दी जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की उपस्थिति, प्रगति रिपोर्ट और प्रशिक्षण से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड स्कूल स्तर पर सुरक्षित रखा जाएगा।
इसके अलावा सभी चिन्हित बच्चों का डेटा मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम एमआईएस और यू-डाइज पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य किया गया है। योजना से जुड़े एनजीओ और शिक्षा अधिकारियों को हर महीने प्रगति रिपोर्ट जिला स्तर पर भेजनी होगी। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे और हर बच्चे को दोबारा पढ़ाई से जोड़ा जा सके।