पुलिस कमिश्नर पर दबाव बनाने के नाम पर किया था भ्रामक ट्वीट
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पुलिस आयुक्त के नाम पर भ्रामक तथ्यों के आधार ट्वीट करने वाले एक न्यूज चैनल के पत्रकार को जमानत दे दी गई है। पत्रकार की पोस्ट को शेयर करने वाले एक युवक को कोर्ट ने जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार नूंह दंगों के बाद गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक जानकारियां डालने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इससे आपसी सद्भाव बिगड़ने की संभावना रहती है। इसी के चलते साइबर क्राइम की टीम ने एक न्यूज चैनल के पत्रकार मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया था। जिन्हें बाद में जमानत दे दी गई।
वहीं, मुकेश कुमार के इसी ट्वीट को अपने फेसबुक पर शेयर करने वाले गुरुग्राम के रहने वाले हिंदू नेता ऋतुराज अग्रवाल को भी गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ऋतुराज को शनिवार को जिला न्यायालय में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया गया।
ऋतुराज अग्रवाल की ओर से जमानत याचिका पेश करने वाले वकील कुलभूषण भारद्वाज ने अदालत में जज के सामने अपील रखी कि जिस मुकेश कुमार ने ट्वीट किया था उसको जमानत मिल चुकी है। इसी आधार पर उनके मुव्वकिल को भी जमानत दी जाए लेकिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उनकी अपील को खारिज कर दिया।