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आठ साल पहले जेल में हुआ था कुकर्म: आरोपियों को अदालत में पहचान न सका पीड़ित, जज ने सभी को किया बरी

Mon, 03 Apr 2023 09:00 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम

सार

पीड़ित ने 26 जनवरी को बताया कि बीती रात करीब दो बजे उसके बैरक में बंद मेवात निवासी महेश, रेवाड़ी निवासी संदीप व पुनीत ने उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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करीब आठ साल पहले भोंडसी जेल में विचाराधीन बंदी के साथ उसके ही बैरक में बंद तीन विचाराधीन बंदियों द्वारा अप्राकृतिक दुष्कर्म बनाने के मामले में अदालत ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया है। यह फैसला सोहना अदालत की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट डॉ. प्रियंका जैन की अदालत ने दिया। इसी प्रकरण में तत्कालीन जेल अधीक्षक रमेश कुमार ने भी सुनवाई के दौरान अदालत को बताया था कि उनकी मौजूदगी में ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी।

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26 जनवरी 2015 में भोंडसी जेल अधीक्षक की शिकायत पर भोंडसी थाने पुलिस ने तीन लोगों को नामजद करते हुए मामला दर्ज किया था। शिकायत में बताया गया था कि पीड़ित उसी साल 19 जनवरी को एक मामले में जेल में विचाराधीन बंदी के तौर पर आया था। पीड़ित ने 26 जनवरी को बताया कि बीती रात करीब दो बजे उसके बैरक में बंद मेवात निवासी महेश, रेवाड़ी निवासी संदीप व पुनीत ने उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया था।
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मामला सामने आने के बाद पीड़ित को जांच के लिए अस्पताल भेज दिया गया था। इस मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित ने अदालत में तीनों आरोपियों को पहचानने से मना करते हुए कहा कि यह तीनों वह लोग नहीं है, जिन्होंने उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को इस मामले से बरी कर दिया।
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