पांच लाख की नकदी और ज्वैलरी लेकर हुए फरार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहरी निकाय चुनाव के मतदान की पूर्व संध्या पर जब गुरुग्राम पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने में लगी थी, ठीक उसी समय छह नकाबपोश बदमाश सेक्टर-9 थाना क्षेत्र में रहने वाले डॉक्टर के मकान में डकैती की वारदात को अंजाम देने में लगे थे।
पिस्टल और चाकू से लैस इन बदमाशों ने परिवार के सदस्यों के साथ ही घरेलू सहायिकाओं को भी बंधक बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर बदमाशों ने उनके साथ मारपीट भी की। बाद में बदमाश सभी बंधकों को एक कमरे में बंद करके फरार हो गए। जाते समय बदमाश मकान में लगे सीसीटीवी की डीवीआर भी अपने साथ ले गए। पीड़ित परिवार का कहना है कि बदमाश उनके यहां से करीब पांच लाख रुपये की नकदी और लाखों रुपये कीमत के जेवरात लूट ले गए हैं।
गुरग्राम के पॉश सेक्टर-4 स्थित मकान नंबर-963 में डॉ. केएल खुराना परिवार के साथ रहते हैं। डॉक्टर खुराना नूंह में एक निजी क्लीनिक चलाते हैं। उनका बेटा डॉक्टर राजीव खुराना भी नूंह के सरकारी अस्पताल में तैनात है। उनका छोटा बेटा भी एक दवा कंपनी में काम करता है। बीते शनिवार देर शाम लगभग सात बजकर 50 मिनट के आसपास डॉक्टर केएल खुराना अपनी पत्नी मंजू खुराना और दो घरेलू सहायिकाओं कुमकुम व मुस्कान के साथ घर में मौजूद थे। मंजू खुराना खाना खा रही थीं और घरेलू सहायिकाएं भी रसोई में मौजूद थीं। इसी दौरान छह नकाबपोश हथियारबंद बदमाश उनके घर में घुस गए और पति-पत्नी व घरेलू सहायिकाओं को काबू कर लिया। बदमाशों ने डॉ. केएल खुराना व उनकी पत्नी मंजू खुराना को एक कमरे में बंद कर मारपीट की जबकि दोनों घरेलू सहायिकाओं को बाथरूम में बंद कर दिया।
जिस समय बदमाश वारदात को अंजाम देने में लगे थे, उस समय डॉक्टर खुराना के दोनों बेटे बाहर थे। इसी बीच उनका छोटा बेटा सोनित खुराना घर आया तो बदमाशों ने उसे भी बंधक बनाकर मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए हमले में सोनित ने बदमाशों का विरोध किया तो बदमाशों ने उसके हाथ में चाकू मारकर उसे घायल कर दिया। वारदात को अंजाम देकर बदमाश गेट को बाहर से बंद कर गए। किसी तरह संचित ने खुद को बंधन मुक्त किया और अपने भाई डॉ. राजीव खुराना सहित अन्य जानकारों को घर में हुई डकैती की जानकारी दी। इसके साथ ही पुलिस को भी वारदात की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सेक्टर-4 चौकी पुलिस सहित अपराध शाखा, फाेरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू की। रविवार देर शाम तक मकान में डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों के बारे कोई सुराग नहीं मिल सका था।
45 मिनट तक दहशत में रहा परिवार
वारदात के बाद से ही डॉक्टर केएल खुराना का परिवार दहशत में है। रविवार को भी परिवार के लोगों ने अनजान लोगों से बात तक नहीं की। मीडियाकर्मी जब डाॅक्टर के घर पहुंचे तो उनसे भी घर के बाहर ही कुछ देर ही बात की। डॉक्टर खुराना का कहना है कि बदमाश उनके घर में करीब 45 मिनट तक रहे। पीड़ित परिवार का कहना है कि बदमाशों की उम्र 25 से 30 साल के बीच थी। सभी हिंदी में बात कर रहे थे। इसके अलावा सभी ने अपने चेहरे पर नकाब बांध रखा था। खास बात यह भी रही कि करीब 45 मिनट तक बदमाश मकान में रहे, मगर किसी भी बदमाश ने एक-दूसरे को नाम से संबोधित नहीं किया। नकाबपोश बदमाश जिस तरह से मकान में डकैती की वारदात को अंजाम देकर भागे हैं, उससे लगता है कि बदमाशों ने मकान की गली व आसपास के क्षेत्र में रेकी करके पूरी योजना बनाई थी। जांच अधिकारी मोहम्मद शरीफ ने बताया कि परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज करके मामला दर्ज किया गया है। घर के आसपास के सीसीटीवी कैमरे देखे जा रहे हैं, ताकि बदमाशों के बारे में जानकारी मिल सके।