भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए सैन्य अफसरों को आधुनिक युद्ध में चाणक्य नीति की भी जानकारी दी जा रही है। भारतीय सेना की पश्चिमी कमान के ज्ञान चक्र थिंक टैंक ने यह पहल की है। हाल ही में पश्चिमी कमान में एक सेमिनार में सैन्य अफसरों को मौजूदा हालात में दुश्मन से निपटने में चाणक्य नीति की प्रासंगिकता बताई गई।
सेमिनार में बताया गया कि युद्ध में सोचना और सटीक डाटा कितना महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों ने कहा कि चाणक्य की नीति से महान योद्धाओं को भी हार का सामना करना पड़ा था। अफसरों को भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों का जिक्र करते हुए यह समझाया गया कि पाकिस्तान के साथ चुनौती बड़ी है।
उसके साथ महाभारत जैसी स्थिति है। यह भी बताया गया कि सुरक्षा के लिए आपातकालीन स्थिति में इंद्रियों पर नियंत्रण रखना क्यों जरूरी है। सेना की अन्य कमानों में भी ऐसे सेमिनार आयोजित करने की तैयारी है।
युद्ध अंतिम उपाय होना चाहिए...
विशेषज्ञों की ओर से सैन्य अधिकारियों को युद्ध के प्रकारों जैसे खुला युद्ध, कुटिल युद्ध, मौन युद्ध व कूटनीतिक युद्ध के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें युद्ध विजेताओं के प्रकार, धर्मी विजेता, लालची विजेता, राक्षसी विजेता के बारे में भी बताया गया।