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मेवात: रात भर चले प्रतिबंधित पटाखे, हवा हुई जहरीली

Tue, 21 Oct 2025 11:12 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
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दीपावली पर पटाखे चलाते हुए लोग
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डंपिंग स्टेशन पर सुलग रहा कूड़ा, बढ़ा रहा प्रदूषण
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संवाद न्यूज एजेंसी

तावडू। शहर में बीती रात जमकर प्रतिबंधित पटाखों का इस्तेमाल किया गया, जिससे शहर और आसपास के इलाकों की हवा बुरी तरह खराब हो गई है। स्थानीय निवासियों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है और प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शहर के बाईपास पर कूड़े-कबाड़ में लगी आग और पहाड़ी क्षेत्र में बने अस्थाई डंपिंग स्टेशन पर सुलगते कचरे ने समस्या को और दोगुना कर दिया है।
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तावडू शहर गुरुग्राम की सीमा से सटा हुआ है और राजस्थान के भिवाड़ी तथा गुरुग्राम के मानेसर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के करीब स्थित है। यहां की वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से अधिक दर्ज की गई है, जो ''बहुत खराब'' श्रेणी में आता है। जागरूक नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि प्रशासन ने पटाखों पर निगरानी नहीं की और न ही कोई रोक-टोक की गई। परिणामस्वरूप, शहर की हवा जहरीली हो गई है और लोग इससे बुरी तरह प्रभावित हैं। शहर के बाईपास पर हिल स्टेशन के पास नगर पालिका द्वारा डाले जा रहे कूड़े-कबाड़ में लगातार आग लग रही है। यह अस्थाई डंपिंग स्टेशन है, जहां कचरे का कोई निस्तारण नहीं किया जाता। कई दिनों से यहां धुआं सुलग रहा है, जिससे आसपास के निवासियों को बदबू और प्रदूषण की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। नगर पालिका की गाड़ियां रोजाना यहां कचरा डालती हैं, लेकिन सफाई कर्मचारी पहुंचने के बावजूद आगजनी पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। आवारा पशु भी यहां घूमते रहते हैं, जिससे बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गुस्सा है। वे कहते हैं कि एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान 2 लागू है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा। तावडू एसडीएम जितेंद्र कुमार ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामला संज्ञान में आया है। आगजनी पर काबू पाया जाएगा और ग्रेप 2 का कड़ाई से पालन किया जाएगा। उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि तावडू से मात्र 8-10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इन क्षेत्रों की स्थिति देखते हुए यहां का प्रदूषण स्तर भी उतना ही खतरनाक है। अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
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