उपचार देने पर लापरवाही बरती तो अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
रोहतक पीजीआई से सर्जरी की सलाह देने के छह महीने में भी नहीं हो सकी सर्जरी
विराट त्यागी
गुरुग्राम। न्यायिक हिरासत में जेल में बंद एक आरोपी को उपचार न मिलने पर जिला अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने चेतावनी दी है कि अगर बंदी को उपचार देने में कोई लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश अमित गौतम की अदालत ने दिया है।
21 अक्तूबर 2024 को पुलिस को सूचना मिली थी कि धूमसपुर गांव में एक घर से दंपती गांजा बेच रहा है। पुलिस टीम ने रेड की तो आरोपी कामेश्वर के घर से 20 किलो गांजा,12 शराब की बोतल और 47 पव्वे के साथ ही करीब तीन लाख रुपये नकदी और आभूषण मिले थे।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि उसके लिवर, हर्निया के साथ ही किडनी में पथरी है। ऐसे में उसे खाना खाने के साथ ही अन्य काफी परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य को देखते हुए तुरंत सर्जरी की जरूरत है। सर्जरी से पहले चार यूनिट खून की भी आवश्यकता है। वह जेल में रहते हुए खून की व्यवस्था नहीं कर सकता। रोहतक पीजीआई में भी उसको दिखाया गया है जहां पर उनके स्वास्थ्य को देखते हुए सर्जरी की सलाह दी गई है। आरोपी ने अदालत से 30 दिन की जमानत की मांग की थी। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि स्वास्थ्य कारण से मांगी गई दो बार जमानत याचिका अदालत पहले ही रद कर चुकी है।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि जेल प्रशासन की तरफ से दी गई रिपोर्ट में साफ है कि चिकित्सकों की तरफ से सर्जरी की सलाह देने के छह महीने बीत जाने पर भी सर्जरी नहीं हो सकी है। अस्पताल में बेड न मिल पाने की वजह से सर्जरी नहीं हो सकी। इसकी वजह से आरोपी की बीमारी बढ़ी है। अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बार-बार चिकित्सा सलाह के बावजूद विचाराधीन बंदी को कई महीनों से अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा सका। आरोपी को केवल न्यायिक हिरासत में होने के कारण पर्याप्त चिकित्सा देखभाल से वंचित नहीं किया जा सकता।
अदालत ने जिला कारागार भोंडसी अधीक्षक को निर्देश दिया है कि वे निदेशक, पीजीआईएमएस रोहतक के साथ समन्वय करें जिससे आरोपी का चिकित्सा उपचार मिल सके। किसी भी तरह की लापरवाही या चूक होने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के मामले में 15 मई को होने वाली सुनवाई में जेल अधीक्षक और रोहतक पीजीआई निदेशक अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए भी कहा है।