गुरुग्राम। मेडिकल छात्रों ने विदेश से वापस लाने, उन्हें क्वारंटीन करने समेत कोविड-19 टेस्ट करने के नाम पर शुल्क वसूलने का आरोप लगाया है। आरोप है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही अधिकारियों ने छात्रों से कुछ दस्तावेज हस्ताक्षर करवाकर उन्हें क्वारंटीन के लिए गुरुग्राम के एक होटल में भेज दिया। होटल प्रबंधन ने जब छात्रों से किराया मांगा तो उन्होंने परिजनों को फोन पर इसकी जानकारी दी। इतना ही नहीं होटल में कोविड-19 टेस्ट के नाम पर उनसे 4500 रुपये भी मांगे। परिजनों ने जब इस बारे में अधिकारियों से बात की तो उन्होंने छात्रों को सरकारी खर्च के होटल में स्थानांतरित करवाया। छात्रों ने बताया कि सात दिन के क्वारंटीन समय मे छह दिन बीत गए, लेकिन उनका कोविड टेस्ट नहीं करवाया गया है।
मानेसर निवासी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि उनका भतीजा व दो अन्य छात्र विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। कोविड-19 संक्रमण के कारण उसे वापस भारत लाया गया। वापस लाने के लिए उन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी करवाईं। जिला प्रशासन ने उन्हें टिकट बुक करने के लिए एक लिंक भेजा जिसके जरिए उन्होंने टिकट के 20 हजार रुपये एयर इंडिया को जमा करवाए। 3 जून को उन्हें भारत लाया गया।
आरोप है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें बिना बताए कुछ दस्तावेज साइन करवाए गए। छात्रों को यहां से सरकारी खर्च के होटल रजवाड़ा गुरुग्राम लाना था। आरोप है कि अधिकारियों ने छात्रों को बिना बताए सेक्टर-49 के निजी होटल ओयो रूम में 1500 रुपये प्रतिदिन के खर्च पर रखा गया। इतना ही नहीं होटल में रहने के दौरान अधिकारियों ने उनसे 4500 रुपये कोविड टेस्ट के मांगे। होटल प्रबंधन व कोविड-19 टेस्ट के नाम पर रुपये मांगने की जानकारी छात्रों ने अपने परिजनों को दी। इस पर परिजनों ने अधिकारियों से बात की। मामला बढ़ता देख अधिकारियों ने तीनों छात्रों को सरकारी खर्च के होटल में शिफ्ट करवाया। परिजनों से दो दिन का तीनों छात्रों का होटल खर्च जमा करवाया।
छात्रों ने बताया कि सात दिन के क्वारंटीन समय में छह दिन बीतने के बाद भी उनका कोविड टेस्ट नहीं किया गया। वहीं, छठे दिन जब मामला मंडलायुक्त अशोक सांगवान, जिला उपायुक्त अमित खत्री तक पहुंचा तो छात्रों के कोविड टेस्ट के लिए सैंपल लिए गए। सरकारी प्रवक्ता आर एस सांगवान ने बताया कि जिला उपायुक्त ने मामले में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने बताया कि छात्रों ने स्वेच्छा से निजी होटल में रुकने का कंर्स्ट फॉर्म साइन किया था। मामले की जांच की जा रही है।