अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बरसात शुरू होते ही एमसीजी की इंजीनियरिंग विंग और स्वच्छता विंग अलर्ट मोड पर आ गईं। इंजीनियरिंग टीमें जलभराव संभावित स्थलों पर तुरंत पहुंचीं और पंप एवं अन्य मशीनरी के सहारे सडक़ों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों से पानी की निकासी शुरू कर दी। वहीं, स्वच्छता टीमों ने जल निकासी कार्यों के साथ-साथ कूड़ा एवं मलबा हटाने में भी कोई कोताही नहीं बरती ताकि नालियां और ड्रेनेज सिस्टम अवरुद्ध न हों।
स्थानीय पार्षदों और गणमान्य नागरिकों ने भी मौके पर पहुंचकर निगम कर्मचारियों के साथ सहयोग किया। स्वच्छता कर्मियों ने गार्बेज वर्नेबल प्वाइंट्स (जीवीपी) और प्रमुख सडक़ों से कूड़ा उठाने के साथ-साथ जल निकासी रास्तों की सफाई भी सुनिश्चित की। एमसीजी के कॉल सेंटर ऑपरेटर लगातार विभिन्न इलाकों से प्राप्त जलभराव संबंधी सूचनाओं को संबंधित फील्ड टीमों तक पहुंचाते रहे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाली शिकायतों को भी गंभीरता से लेकर तत्काल राहत कार्य किए गए।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि बारिश के दौरान निगम का फोकस त्वरित प्रतिक्रिया और राहत प्रदान करने पर रहा। हमारी प्राथमिकता है कि शहरवासियों को न्यूनतम असुविधा हो। इंजीनियरिंग और स्वच्छता टीमों की संयुक्त कार्यशैली ने इस दिशा में अच्छा उदाहरण प्रस्तुत किया है।