शहरी निकायों का राष्ट्रीय सम्मेलन : अपने शहरों की विकास गाथा बताएंगे सात मेयर
- शहरी निकायों मानेसर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आज से शुरू, सीएम रहेंगे मौजूद
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरुवार को करेंगे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहरी स्थानीय निकायों के राष्ट्रीय सम्मेलन में पहले दिन विभिन्न राज्यों से आए सात नगर निगमों के मेयर और कमिश्नर अपने-अपने शहरों की विकास प्लान के बारे में बताएंगे। वे सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों की प्रस्तुतियां देंगे, जिससे अन्य निकाय इस मॉडल पर काम कर सके। मानेसर स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी) में देशभर के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकाय के संवैधानिक लोकतंत्र व राष्ट्र निर्माण में मजबूत भूमिका विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन तीन व चार जुलाई को किया जा रहा है।
राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन को लेकर सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। हरियाणवी सांस्कृतिक विरासत के साथ ही समृद्ध संस्कृति से हरियाणा देश के प्रतिनिधियों की मेजबानी करते हुए भव्य स्वागत के लिए तैयार है। डीसी अजय कुमार ने बताया कि दो दिवसीय शहरी स्थानीय निकायों की संवैधानिक लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण में भूमिका विषय पर आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण सम्मेलन की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल की उपस्थिति रहेगी।
विकसित भारत 2047 पर लक्ष्य
उपायुक्त ने बताया कि सम्मेलन में देशभर से नगर निगमों के मेयर, आयुक्त एवं अन्य प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी, समावेशी और नवाचारोन्मुख बनाना है, जिससे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार किया जा सके। पहले दिन के कार्यक्रम में देश के प्रमुख नगरों-भुवनेश्वर, कोयंबटूर, इंदौर, लखनऊ, पुणे, सूरत और विशाखापट्टनम द्वारा अपनाई गई सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इन शहरों के मेयर या कमिश्नर अपनी बेहतर योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके बाद पांच अलग-अलग उप विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी, जिनमें लोकतंत्र की आधारशिला के रूप में शहरी स्थानीय निकाय की भूमिका, परिषद की बैठकों की आदर्श कार्य प्रणाली और आचार संहिता विकसित करना, समावेशी विकास के इंजन के रूप में स्थानीय निकायों की भूमिका, महिला सशक्तिकरण के वाहक और 21वीं सदी के भारत के निर्माता के रूप में समाज और राजनीति में महिलाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करने संबंधी विषय शामिल हैं।
लोकसभा अध्यक्ष के साथ अनौपचारिक संवाद
अजय कुमार ने बताया कि चार जुलाई के सत्र में उपविषयों पर समूह प्रस्तुतियां, लोकसभा अध्यक्ष के साथ अनौपचारिक संवाद और एक समापन सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा शिरकत करेंगे।