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पुरानी किताबों के सहारे करनी पड़ सकती है नए सत्र में पढ़ाई

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गुरुग्राम। हरियाणा के बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के प्रभाव को देेखते हुए प्रदेेश सरकार ने स्कूलों में आगामी 31 मई तक ग्रीष्मावकाश घोषित किए हैं। हालांकि, पहली से 11वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम ऑनलाइन ही घोषित किए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक शिक्षा निदेशालय ने नए शैक्षणिक सत्र 2021-22 में ऑनलाइन दाखिलों या पढ़ाई को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं लेकिन अबकी बार फिर से देरी से सत्र शुरू होने के कारण किताबेें समय से नहीं पहुंच पाएंगी और बच्चों को अन्य बच्चों से पुरानी किताबें लेकर ही नए सत्र की पढ़ाई करनी होगी।
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हरियाणा राज्य में पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा विभाग की ओर से निशुल्क किताबें दी जाती हैं। हर साल नये शैक्षणिक सत्र में शिक्षा विभाग स्कूलों में कक्षानुसार पाठ्यक्रम की किताबें भिजवा देता है लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण बीते वर्ष की तरह ही नए शैक्षणिक सत्र के पाठ्यक्रम की किताबें स्कूलों में नहीं पहुंच सकी हैं। वहीं, फिलहाल स्कूल बंद हैं, तो इस साल शैक्षणिक सत्र भी देरी से शुरू होने की संभावना है। जिस कारण पाठ्यक्रम की किताबें भी देेरी सेे पहुंचेगी। ऐसे में नया शैैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट हो चुके बच्चों से पुरानी किताबें लेकर अपनी पढ़ाई करनी होगी।
इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से भी जागरूक किया जाता हैै कि जब तक विभाग की ओर से किताबें नहीं भेजी जाती, तब तक अन्य पुरानी किताबें लेकर अपनी-अपनी कक्षा की पढ़ाई करें। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव नेे बताया कि नया शैैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही स्कूलों में पाठ्यक्रम की किताबें पहुंचाई जाएंगी। हालांकि, जब तक किताबें नहीं मिलती हैैं तो बच्चे अपने पड़ोस के बच्चों से पुरानी किताबेें लेकर अगली कक्षा की पढ़ाई कर सकते हैं।
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