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Gurugram News: चार हत्याओं का मास्टर माइंड डेढ़ साल बाद मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

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पुलिस की गिरफ्त में मास्टरमाइंड रिंकू उर्फ योगेन्द्र।
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फोटो -
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भाई की हत्या का बदला लेने के लिए दिवाली वाली रात कराई थी हत्या, अब तक 18 हो चुके हैं गिरफ्तार

50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था पुलिस ने, एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले हैं दर्ज


अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। कासन पांव में डेढ़ साल पहले दिवाली की रात पूर्व सरपंच सहित चार लोगों की हत्या का मास्टर माइंड रिंकू उर्फ योगेन्द्र को सीआईए 31 की टीम ने रविवार की देर रात पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। सीआईए टीम के पास सूचना थी कि आरोपी अवैध हथियार के साथ अपने गांव जाएगा। जिसके कारण मौके पर सीआईए 17 की टीम भी मौजूद रही है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां पर उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर मामले की छानबीन कर रही है।


सीआईए 31 प्रभारी इंस्पेक्टर आनंद के पास सूचना की कि डेढ़ साल पहले चार नवंबर (दीपावली की रात) को गांव कासन के पूर्व सरपंच के घर में घुसकर फायरिंग करके 4 लोगों की हत्या करने के मामले का मास्टर माइंड तथा 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश रिंकू उर्फ योगेन्द्र एक कार में सवार होकर नौरंगपुर-तावड़ू रोड पर आने वाला है। पुलिस टीम ने जब उसे दबोचने का प्रयास किया तो आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चलाकर जानलेवा हमला किया। पुलिस टीमों ने मुठभेड़ के बाद उसे काबू कर लिया।
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पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध हथियार व आई -20 कार बरामद किया है। पुलिस उसे दो दिन की रिमांड पर लेकर जांच में जुटी है। एसीपी क्राइम प्रीतपाल ने बताया कि पूर्व सरपंच के परिवार की ओर से 15 साल पहले योगेन्द्र के भाई की हत्या की गई थी। जिसका बदला लेने के लिए उसने वारदात को अंजाम दिलाया था। इस मामले में अब तक 18 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।


बता दें कि गांव कासन के पूर्व सरपंच गोपाल सिंह चौहान के बेटे बलराम सिंह चौहान, सोनू सिंह चौहान, रिश्तेदार राजेश सिंह, विकास सिंह और प्रवीण सिंह 4 नवंबर 2021 को दीपावली की रात घर में पूजा कर रहे थे। उसी दौरान हथियारबंद पांच-छह बदमाशों ने घर में घुसकर पूजा में बैठे सभी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिसमें एक गोली बलराम सिंह चौहान के बेटे यश के हाथ को छूती हुई निकल गई। उपचार के दौरान बलराम सिंह चौहान, सोनू सिंह चौहान, प्रवीण सिंह और विकास सिंह की मौत हो गई थी।
छानबीन में सामने आया कि गांव के ही गैंगस्टर रिंकू सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी। शुक्रवार को ही मामले में एक अन्य आरोपी मनीष को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने भिवानी से दबोच कर गुरुग्राम पुलिस के हवाले किया था। मनीष पर 35 हजार रुपये का इनाम था। पुलिस ने अब तक कुल 18 आरोपी गिरफ्तार कर लिया है।





राजस्थान व छत्तीसगढ़ में है काटी फरारी

एसीपी क्राइम प्रीतपाल ने बताया कि पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला है कि रिंकू शादी सुदा है। उसके बच्चे भी है। परिवार वालों की जो मदद कर रहा था। उन पर नजर रखने के बाद अपराध शाखा की टीम उसे दबोचने में सफल रही है। डेढ़ साल फरारी के दौरान ज्यादा समय उसने छत्तीसगढ़ और राजस्थान में काटा हैं। परिवार वालों से मिलने के लिए वह गुरुग्राम भी आता था।
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होली पर हुई भाई की हत्या का दिवाली पर लिया था बदला

रिंकू सिंह के भाई मनोज सिंह की हत्या वर्ष 2007 में होली के दिन गोली मारकर कर दी गई थी। इस हत्याकांड में आरोपित के रूप में बलराम सिंह चौहान और सोनू सिंह चौहान की पहचान की गई थी। दोनों को उम्रकैद की सजा हुई थी और वे पैरोल पर बाहर हुए थे। वहीं रिंकू सिंह मौके की तलाश में था। उसे पता चला कि दोनों भाई और रिश्तेदार दिवाली के दिन एक साथ दीपावली की पूजन करेंगे। इसके बाद रिंकू सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।
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