हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने की कार्रवाई
सात दिन के अंदर जमा कराएं क्षतिपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के चलते हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने सोहना रोड स्थित मालिबू टाउन प्रोजेक्ट के बिल्डर मालिबू एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड पर 6.84 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका है और इसे 31 मार्च 2023 कर जमा करने के लिए कहा गया है। निर्धारित समय में जुर्माना जमा नहीं करने पर बोर्ड ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
एचएसपीसीबी के चेयरमैन की ओर से वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता (मुख्यालय) जतिंदर पाल की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि सोहना रोड स्थित मालिबू टाउन एक प्लाटेड कॉलोनी है और यह लाल श्रेणी (प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाली यूनिट) में आती है। सन 2012 में इस संबंध में पर्यावरण संरक्षण समिति ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में शिकायत की थी।
प्राधिकरण ने पर्यावरण को पहुंच रही क्षति का आंकलन करने के लिए एसएसपीसीपी को इसका तरीका तय करने के लिए कहा। बोर्ड ने हो रही क्षति का आंकलन किया। बोर्ड ने तय किया कि कितने दिनों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। नुकसान का स्तर क्या है आदि इन सभी को मानकों के अनुसार मापने के बाद 6.84 करोड़ रुपये जुर्माना राशि तय की गई। बोर्ड ने यह आदेश 24 मार्च 2023 को जारी किया है। पर्यावरण को पहुंची इस क्षति की पूर्ति के लिए यह रकम सात दिन के अंदर जमा करनी है।
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मालिबू सहित सात ने की है निर्माण में गड़बड़ी, पुलिस आयुक्त को तहरीर दी
गुरुग्राम। मालिबू एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड की मुश्किलें यहीं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। नियम विरुद्ध निर्माण करने, पार्क की जमीन में निर्माण कर दिए जाने और अन्य गड़बड़ियों के चलते जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) प्रवर्तन ने पुलिस आयुक्त को बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। इसके अलावा छह अन्य बिल्डर कंपनियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी है।
जिन कंपनियों के खिलाफ तहरीर दी है उनमें मालिबू एस्टेट के अलावा दिनेरो एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड, कासा एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड, ब्लूम फील्ड प्रॉपर्टीज एंड हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, स्पैड प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड, डिटॉर एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड और जीओइड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इनके खिलाफ हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेग्यूलेशन ऑफ अर्बन एरिया एक्ट-1975 के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।