बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, ऑटोमोबाइल, कपड़े और सजावटी वस्तुओं की दुकानों पर रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। धनतेरस के पर्व पर शनिवार को जिलेभर के बाजारों में खूब रौनक देखने को मिली। सुबह से ही लोग खरीदारी के लिए बाजारों में पहुंचे और देर शाम तक खरीदारी का सिलसिला चलता रहा। बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, ऑटोमोबाइल, कपड़े और सजावटी वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रही।
दुकानदारों ने दुकानों को फूल-मालाओं और झालरों से सजाकर ग्राहकों का स्वागत किया। कई जगह आकर्षक डिस्काउंट ऑफर भी दिए गए, जिससे बाजार में दिनभर चहल-पहल बनी रही। मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की लंबी कतारें लगीं और लड्डू, बर्फी, पेड़ा जैसे पारंपरिक मिठाइयों की खूब बिक्री हुई।
हालांकि, सोना-चांदी की बढ़ती कीमतों ने इस बार लोगों के बजट पर असर डाला। सोने की कीमत सवा लाख प्रति 10 ग्राम के पार और चांदी करीब पौने दो लाख प्रति किलो पहुंचने के कारण अधिकांश लोगों ने कीमती धातुओं की खरीदारी से परहेज किया। लोगों ने परंपरा निभाने के लिए केवल प्रतीकात्मक रूप से चांदी के सिक्के या छोटे गहने खरीदे। शाम के समय बाजारों में परिवारों की आवाजाही ने त्योहार का माहौल और खुशनुमा बना दिया। जगह-जगह दीपक, झालरों और रोशनी से बाजार जगमगा उठे। धनतेरस की रौनक के साथ ही लोगों ने आगामी दिवाली की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
ज्वैलर्स के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार सोने की बिक्री में करीब 40 से 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, चांदी के सिक्कों और हल्के गहनों की बिक्री हुई है।
स्थानीय व्यापारी संजय अग्रवाल ने बताया कि महंगाई ने इस बार ग्राहकों की जेब पर असर डाला है, लेकिन फिर भी धनतेरस की पारंपरिक भावना को लोगों ने जीवित रखा। छोटे आइटम्स और गिफ्ट्स की बिक्री उम्मीद से बेहतर रही।
शहरवासी सीमा ने बताया हम हर साल सोने की खरीदारी करते हैं, लेकिन इस बार केवल एक छोटी सी चांदी की मूर्ति खरीदी है। कीमतें बहुत बढ़ गई हैं।