नगर निगम आयुक्त ने दिए प्रॉपर्टी आईडी की समस्या को हल करने के लिए कैंप लगाने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। वाह रे नगर निगम तेरे कारनामे ऐसे की लोगों के होश उड़ जाए। एक मोबाइल नंबर पर कई प्रॉपर्टी आईडी दर्ज है। जिसे ठीक कराने के लिए अब लोग नगर निगम चक्कर लगा रहे हैं। प्राॅपर्टी आईडी के नाम पर लोग परेशान हो रहे हैं। हालांकि नगर निगम आयुक्त की ओर से प्रॉपर्टी आईडी की समस्या को हल करने के लिए कैंप लगाने का आदेश दिया गया है। नगर निगम आयुक्त के पास आने वाली शिकायतों में आईडी की समस्या प्रमुख है।
सेक्टर-56 की रहने वाली एक महिला ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि उसके मोबाइल नंबर पर सोसाइटी के अन्य फ्लैट भी दर्ज हैं। मैसेज किसी का हो आता उसके पास है। उसे ठीक कराने के लिए वह निगम के सभी अधिकारियों से मिल चुकी है। नगर निगम के सूत्रों की माने तो निगमायुक्त का आईडी ठीक करने और प्राॅपर्टी टैक्स की रिकवरी को लेकर जोर है। जिसके बाद जो टीम सोसाइटी में जाती है वह प्रॉपर्टी आईडी बनाने के चक्कर में वहां पर मिलने वाले नंबर का ही इस्तेमाल कर देती है।
इसका दूसरा पहलू भी बताया जा रहा है। नगर निगम से जुड़े लोग जानबूझ कर ऐसा करते हैं ताकि बाद में लोग उसे ठीक कराने के लिए उनका चक्कर काटें। नगर निगम आयुक्त के आदेश के बाद इसे ठीक करने और लोगों को छूट का लाभ लेने के लिए टैक्स से संबंधित अधिकारियों की समय समय पर बैठक करते हैं। बता दें कि निगम ने एक एजेंसी से शहर में प्रॉपर्टी आईडी बनवाने का ठेका दिया था। एजेंसी के कर्मचारियों ने सर्वे में काफी लापरवाही बरती। अब इसे नगर निगम ठीक कराने के लिए कैंप लगवा रहा है।
प्रॉपर्टी टैक्स पर 10 फीसदी छूट पाने का सुनहरा मौका, 31 जुलाई है अंतिम तारीख
गुरुग्राम। गुरुग्राम के प्रॉपर्टी मालिकों के लिए एक अहम सूचना है। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के प्रॉपर्टी टैक्स पर 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। जिसका लाभ उठाने के लिए अब मात्र 10 दिन शेष हैं। यह छूट उन प्रॉपर्टी मालिकों को दी जाएगी जो 31 जुलाई 2025 तक अपनी संपत्ति का सेल्फ सर्टिफिकेशन (स्व-प्रमाणन) कर प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान कर देंगे।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने गुरुग्राम के सभी संपत्ति धारकों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ समय रहते उठाएं। उन्होंने कहा कि संपत्ति मालिकों को इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए समय पर सेल्फ सर्टिफिकेशन और टैक्स भुगतान करना चाहिए। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी है, जिससे नागरिकों को सुविधा मिलेगी तथा नगर निगम की आय में भी वृद्धि होगी।