गुरुग्राम। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मानेसर को उपमंडल बनाने का एलान कर दिया है। जल्द ही यहां पर एसडीएम की स्थायी नियुक्ति हो जाएगी। इसके बाद मानेसर के लाखों लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए गुरुग्राम तक 18 किमी की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस तक के सभी काम मानेसर में ही हो जाएंगे। इस घोषणा का उद्योग जगत से लेकर स्थानीय वासियों ने खुले दिल से स्वागत किया है। वहीं राजनीति गलियारों में इसको चुनावी एलान भी कहा जा रहा है।जल्द ही मानेसर में नगर निगम का चुनाव होना है और भाजपा किसी भी कीमत पर इस औद्योगिक शहर में अपनी पकड़ ढीली नहीं करना चाहती है। इसलिए सही समय पर इसको उपमंडल बनाने का एलान कर दिया गया है।
हरियाणा के औद्योगिक विकास का आकलन करें तो गुरुग्राम के साथ मानेसर ने बहुत तेजी से विकास किया है। खेड़कीदौला टोल प्लाजा से पटौदी तक फैले मानेसर में मारुति, होंडा, मित्सुबिशी, टोयोटा जैसे कई विश्वस्तरीय ब्रांड का बड़ा औद्योगिक उत्पादन हो रहा है। इन बड़ी इकाइयों के कारण सैकड़ों छोटी इकाइयां भी संचालित हो रही हैं। इनमें लगभग तीन लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं। वर्तमान में यहां की आबादी लगभग छह लाख के करीब है।
वर्तमान में जिला परिषद की सीईओ अनु श्योकंद के पास गुरुग्राम एसडीएम का कार्यभार होने के साथ मानेसर की भी जिम्मेदारी है। अब मानेसर में स्थायी रूप से एसडीएम की नियुक्ति जल्द ही हो जाएगी। गुरुग्राम एसडीएम अंकिता चौधरी के तबादले के बाद अनु श्योकंद ही दोनों जगह की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा है कि मानेसर उपमंडल बनने से पूरे इलाके में विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। स्थानीय लोगों के बहुत से काम वहीं पर हो जाएंगे। इलाके में कानून व्यवस्था और बेहतर ढंग से संचालित होगी। मानेसर में औद्योगिक विकास भी रफ्तार पकड़ेगा।
तेजी से बढ़ता मानेसर
1-20 किमी के बड़े दायरे में बसा है मानेसर, लगातार बढ़ रहा है इलाका
2-दिल्ली-जयपुर हाईवे, केएमपी और द्वारका एक्सप्रेस से सटा है इलाका
3-2200 औद्योगिक इकाइयां, जिसमें मारुति स्विफ्ट का सबसे बड़ा प्लांट
4-मारुति के साथ होंडा की बड़ी उत्पादन यूनिट, अन्य कई बड़ी इकाइयां
5-तीन लाख कर्मचारी इन इकाइयों में कार्यरत, दो लाख वहीं पर रह रहे
6-एक लाख कर्मचारी रोजाना आसपास के शहरों से पहुंचते हैं मानेसर
7-मानेसर की कुल आबादी लगभग छह लाख के करीब हो चुकी है
8-मानेसर तहसील और मानेसर नगर निगम 2020 में बनाया गया है
9-एनएसजी का पहला प्रशिक्षण केंद्र मानेसर में ही संचालित हो रहा
10-राष्ट्रीय बम डाटा केंद्र, राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र भी यहां है
उपमंडल पर ये होगी सुविधाएं
1-वाहन रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन फिटनेस आदि मानेसर में ही बनेगा।
2-वाहनों के नंबरों की एक नई सीरीज बनेगी, जिससे मानेसर का वाहन नंबर अलग होगा।
3-मूल निवास, जन्म, आय, जाति सहित अन्य प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा मिलेगी।
4-पंचायत और तहसील के राजस्व विवाद अब वहीं पर निपट जाएंगे।
5-जमीनों के अधिग्रहण से लेकर अन्य मामलों में एसडीएम बेहतर निगरानी कर सकेंगे।
6-एसडीएम के स्तर से होने वाली सभी काम अब मानेसर में ही हो जाएंगे।
7-मानेसर से गुरुग्राम की दूरी लगभग 18 किमी है, अब ये दौड़ बचेगी।
मानेसर का पौराणिक महत्व
मानेसर का नाम हिंदू पौराणिक कथाओं में उल्लेखित है। संस्कृत से अनुवाद किए जाने पर मानेसर का अर्थ मस्तिष्क का देवता या भगवान शिव की भूमि होता है। पूर्व में ये एक हजार घरों वाला गांव था, लेकिन 1990 के दशक के बाद ये तेजी से उन्नति करने वाले शहर में बदल गया। जहां कई विश्वस्तरीय नामचीन ब्रांडों की उत्पादन इकाइयां संचालित हैं।
एयरपोर्ट और हाईवे से बढ़ा विकास
मानेसर नई दिल्ली एयरपोर्ट से 40 मिनट की दूरी पर है। दिल्ली जयपुर हाईवे-8 इसके बीचोबीच से गुजरता है। कुंडली मानेसर पलवल हाईवे और नया बना द्वारका एक्सप्रेस वे भी इसके पास ही गुजर रहा है। दिल्ली मुबंई एक्सप्रेस वे मानेसर से लगभग 32 किमी की दूरी पर है।
आधा दर्जन नए गांव होंगे शामिल
मानेसर नगर निगम में 29 गांव आते हैं। अब उपमंडल बनने के बाद इसमें पटौदी उपमंडल के कुछ गांव शामिल हो सकते हैं। इनमें पंचगांव, मोकलवास, बांसलांबी आदि शामिल हो सकते हैं।
तहसील और नगर निगम बनने के बाद अब उपमंडल बनने से मानेसर को विकास और तेज गति से आगे बढ़ेगा। लोगों को एसडीएम कार्यालय से मिलने वाली सभी सुविधाएं यहां पर मिलेंगी। - पवन यादव, अध्यक्ष आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
एसडीएम के यहां बैठने से कई तरह की प्रशासनिक समस्याओं का समाधान हो सकेगा। मानेसर नगर निगम की कार्यप्रणाली में बहुत सुधार करने की गुंजाइश है। प्रशासन को इस बारे में सोचना चाहिए। - केदारनाथ पांडेय, जीकेन सीटिंग कलैक्शन प्रा. लि. मानेसर
मानेसर उपमंडल बनने से उद्योगों के साथ पूरे क्षेत्र का विकास होगा। अब मानेसर तहसील, नगर निगम और उपमंडल के सभी कार्यालय व्यवस्थित किए जाने की जरूरत है। जिससे एक ही जगह पर सबके काम हो पाएं। -दीपक मैंनी, प्रांतीय महासचिव फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज
ये मांग पुरानी थी, जो अब पूरी हुई है। इससे क्षेत्र के लोगों के कई काम वहीं पर हो जाएंगे। वाहनों और प्रमाण पत्रों के कामों के लिए दौड़ना नहीं पड़ेगा। इससे समय और धन की बचत होगी। जिससे लोग अपने दूसरे काम कर पाएंगे। -सत्यदेव, सरपंच कासन