शिकायतकर्ता जितेंद्र सुखराली ने बताया कि 25 अक्तूबर को देर रात हुए सड़क हादसे में एक 30 वर्षीय युवक घायल हो गया था। उसे तत्काल ही सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। युवक की हालत गंभीर थी। ऐसे में प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात स्टाफ ने उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
जितेंद्र ने बताया कि बाद में घायल युवक के परिजन उसे तलाशते हुए अस्पताल पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि युवक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। इसके बाद परिजन दिल्ली चले गए। आरोप है कि मरीज के परिजन 8 घंटे तक उसे सफदरजंग अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में ढूंढ़ते रहे, मगर उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने फिर से नागरिक अस्पताल में बात की। काफी परेशानी के बाद पता चला कि उनका मरीज पीजीआई रोहतक में भर्ती है।
उसके बाद परिजन रोहतक पहुंचे और युवक को वहां से रेफर कराकर वापस गुरुग्राम ले आए। फिलहाल शहर के एक निजी अस्पताल में युवक का इलाज चल रहा है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण मरीज की जान भी जा सकती थी। इस मामले की जांच होनी चाहिए। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि इस संबंध में शिकायत मिली है। मामले की जांच की जाएगी।