90.21 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को किया अटैच
ठगी गई राशि से विदेश घूमा और लग्जरी कार व प्रॉपर्टी खरीदी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गुरुग्राम जोनल कार्यालय की टीम ने अंतरराष्ट्रीय टेक सपोर्ट स्कैम को लेकर कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने 9 फरवरी के ऑर्डर के माध्यम से 90.21 करोड़ रुपये की अचल प्रॉपर्टी को प्रोविजनली अटैच कर दिया।
इसके अलावा, मामले के आठ आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत 10 फरवरी 2026 को गुरुग्राम की स्पेशल कोर्ट पीएमएलए में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट फाइल की गई। मामले के मुख्य साजिशकर्ता चंद्र प्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट पीएमएलए के सेक्शन 44 और 45 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के जुर्म के लिए फाइल की गई है। यह मेसर्स सीएसपीआरओ टेक्नोलॉजी (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड, चंद्र प्रकाश गुप्ता, के पास इस कंपनी की 100 फीसदी शेयरहोल्डिंग है और आकाश कुमार दुबे, पंकज कुमार झा व इन कंपनियों के कई कर्मचारियों सहित दूसरे लोगों के खिलाफ है, जोकि अमेरिकी नागरिकों के साथ धोखाधड़ी करने में अलग-अलग माध्यम में संलिप्त पाए गए हैं। इस अपराध की कमाई व उसे अलग-अलग तरीकों से विदेश तक भेजी गई। यह जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई), आईओडी, दिल्ली द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। पीएमएलए के तहत की गई जांच के बाद पता चला कि वर्ष 2021 से वर्ष 2024 तक दिल्ली, नोएडा व गुरुग्राम से गैरकानूनी कॉल सेंटर चलाए जा रहे थे।
ये कॉल सेंटर माइक्रोसॉफ्ट जैसी जानी-मानी टेक्नोलॉजी कंपनियों के अधिकारियों का रूप धारण कर विदेशी नागरिकों, खासकर यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के नागरिकों को टारगेट करते थे। धोखाधड़ी के प्रोसेस में, पीड़ितों को उनके कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाए जाने वाले नकली पॉप-अप अलर्ट के माध्यम से धोखा दिया जाता था और उन्हें गलत तरीके से बताया जाता था कि उनके सिस्टम से छेड़छाड़ की गई है।