कमाई की 40 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों पर करते थे खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। फर्जी कॉल सेंटर के जरिए नामी कंपनियों में नौकरी दिलवाने के नाम पर 500 से अधिक युवाओं से ठगी कर चुके गिरोह का मास्टर माइंड आमिर तुफैल है। पुलिस रिमांड में आमिर ने खुलासा किया कि वह और पंकज इस ठगी के पूरे नेटवर्क को चला रहे थे। बीटेक पास होने के कारण आमिर आईटी का पूरा काम देखता था जबकि पंकज सारा हिसाब किताब देखता था।
उन्होंने बताया कि प्रतिमाह 12 से 14 लाख की कमाई का 40 फीसदी हिस्सा वह कंपनी कर्मचारियों में खर्च कर देते थे। यही कारण था कि बीते एक साल से चल रहे फर्जीवाड़े की जानकारी होने के बावजूद कोई भी कर्मचारी नौकरी छोड़ कर नहीं गया। बृहस्पतिवार को दोनों आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। डीसीपी मुख्यालय शशांक कुमार के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली है जिनकी जांच शुरू कर दी गई है। आईटी विशेषज्ञ तुफैल ने पंकज के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े की शुरुआत की और कंसलटेंसी कंपनी के जरिए युवक-युवतियों को सुनहरा ऑफर देकर भर्ती की। आरोपियों को महंगे होटल में खाना और महंगे कपड़े पहनने का शौक भी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों पास कई महंगे ब्रांड के जूते और कपड़े मिले हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कई युवतियों ने अपनी सिफारिश पर कई कर्मचारियों को भी रखवाया था, जिन्हें इस ठग गिरोह की जानकारी होने के बावजूद वे यहां नौकरी कर रही थी। तुफैल ने खुलासा किया कि ठगी में अच्छा खासा मुनाफा शुरू होने के बाद कम समय में अधिक पैसा कमाने के लालच में आने वाले साल से वे विदेशी नागरिकों का डाटा लेकर उन्हें नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने की योजना थी, लेकिन पुलिस ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया। पुलिस आरोपियों से मिले दो लैपटॉप और 10 मोबाइल का डाटा जांचने में जुटी है।
-