पुलिस जांच में आरोपी के जन्म की दो तारीख आईं, दोनों के हिसाब से 18 वर्ष की आयु से कम है आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। कादरपुर गांव के मोहनराम मंदिर के महंत गोविंद दास की मार्च 2022 में हुई हत्या के मामले में जिला अदालत ने आरोपी को किशोर माना है। अदालत ने पाया कि वारदात के दिन आरोपी की आयु 16 से 18 वर्ष के बीच थी। यह मामला अब किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. गगन गीत कौर की अदालत ने यह आदेश दिया। आरोपी के भाई ने याचिका दायर कर उसे किशोर घोषित करने की मांग की थी। याचिका में आरोपी की जन्मतिथि 16 दिसंबर 2005 बताई गई थी। अभियोजन पक्ष ने विभिन्न स्कूलों के रिकॉर्ड पेश किए, जिनमें अलग-अलग जन्मतिथियां थीं। एक सरकारी प्राथमिक स्कूल के रजिस्टर में 3 जनवरी 2005 दर्ज थी। अन्य स्कूलों के रिकॉर्ड में 16 दिसंबर 2005 जन्मतिथि दर्ज मिली। अदालत ने किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत पहले स्कूल के रिकॉर्ड को आधार माना। दोनों ही जन्मतिथियों के अनुसार, घटना के समय आरोपी 18 वर्ष से कम उम्र का था।
35 सालों से मंदिर के थे मंहत
गोविंद दास 35 वर्षों से मंदिर में पूजा-पाठ कर रहे थे। 30 मार्च 2022 की सुबह मंदिर में उनका शव मिला था। उनकी गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। सुबह मंदिर में पूजा करने और पुजारी को चाय देने पहुंचे ग्रामीण ने उन्हें आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कंबल हटाने पर हत्या का पता चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस जांच में आया था कि एक दिन पहले आरोपी ताऊ की समाधि की सफाई कर रहा था। इसी दौरान पुजारी के साथ उसका विवाद हो गया। आरोपी को लगा कि पुजारी ने उसके ताऊ की समाधि का अपमान किया है। इसी रंजिश में वह देर रात मंदिर पहुंचा और सो रहे पुजारी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।