देर रात करीब पौने तीन बजे तीसरे कमरे की खिड़की की ग्रिल काटकर एक बदमाश अंदर घुसा। उसने कुंडी खोली और पीछे की बालकनी से एक-एक कर चारों बदमाश घर में दाखिल हो गए। इसके बाद वे अलमारियां और अन्य सामान खंगालने लगे।
कुछ देर बाद चारों नकाबपोश उस कमरे में पहुंचे, जहां राखी और उनकी बेटी सो रही थीं। बदमाशों ने दोनों को बंधक बना लिया। राखी ने विरोध किया, लेकिन आरोपियों ने मां-बेटी को चाकू और पेचकस की नोक पर धमकाकर कब्जे में रखा। इसके बाद उन्होंने कमरे की अलमारियां खंगालीं और ज्वेलरी लूट ली। बदमाशों ने उनके पहने हुए सोने और डायमंड के ईयररिंग्स, नोजपिन और कंगन तक उतरवा लिए।
करीब 20 मिनट बाद आरोपियों ने विकास का कमरा खुलवाया और तीनों को उसी कमरे में बंधक बनाकर रखा। विकास ने बताया कि आरोपी लगातार पूछते रहे कि नीचे कौन रहता है और पड़ोस के मकान में कौन रहता है। करीब 10 मिनट तक उन्हें इसी कमरे में बंधक बनाए रखा गया।
बदमाश तीन मोबाइल फोन भी लूट ले गए। जाते समय उन्होंने पुलिस या मीडिया को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी दी और पीछे के रास्ते से फरार हो गए। आरोपियों के जाने के करीब 10 मिनट बाद परिवार ने खुद को संभाला और विकास जैन ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।
विकास के अनुसार, वह तीन से चार मिनट बाद नीचे पहुंचे तो उन्हें एक पीसीआर जाती हुई दिखाई दी। उन्होंने उसे रुकवाकर मदद मांगी। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मियों को तब तक लूट की सूचना मिलने की जानकारी नहीं थी। इसके बाद पुलिस की टीमें और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वॉड समेत अन्य टीमों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसीपी उद्योग विहार कुलदीप सिंह ने बताया कि पालम विहार थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है।