धार्मिक स्थलों के बाहर तैनात रही पुलिस
शांतिपूर्ण हुई नमाज, प्रशासन ने ली राहत की सांस
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नूंह हिंसा के बाद धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर आ रही है। प्रशासन की ओर से शुक्रवार को मस्जिदों में नमाज अदा करने की कोई पाबंदी नहीं थी। इसके बावजूद भी मस्जिदों में नमाज पढ़ने वालों की संख्या कम दिखी। जिले में कहीं पर भी खुले में नमाज नहीं हुई। मस्जिद से लेकर खुले में होने वाली नमाज स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
बता दें कि 31 जुलाई को नूंह में ब्रज मंडल यात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद बीते चार अगस्त को जुमे की नमाज घरों में पढ़ने का फरमान धर्म गुरुओं द्वारा जारी किया गया था। पुलिस-प्रशासन की ओर से भी शांति व्यवस्था के मद्देनजर इसी प्रकार की अपील की गई थी। नतीजा यह रहा था कि चार अगस्त को जुमे की नमाज के दौरान ज्यादातर धार्मिक स्थलों में ताले ही लटके रहे। लोगों ने अपने घर पर ही जुमे की नमाज अदा की थी।
हिंसा के बाद इस बार दूसरा जुमा था। इसी को लेकर पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद था। हालांकि बीतें दिनों की शांति की स्थिति को देखते हुए इस बार मस्जिदों के ताले खोल दिए गए थे। दूसरी ओर इस बार भी विभिन्न मौलानाओं ने लोगों से घर में ही जुमे की नमाज अदा करने की अपील कर रखी थी। यही कारण रहा कि मस्जिदों में नमाज पढ़ने वालों की संख्या काफी कम रही।
सदर बाजार के बीच में स्थित जामा मस्जिद में आने वालों की संख्या कम दिखी। इसके साथ ही राजीव चौक के पास की मस्जिद में भी नमाज पढ़ी गई। सेक्टर 29 में जहां पर जुमे की नमाज पढ़ी जाती है। वहां पर भी पुलिस बल तैनात रहा। जिले में शांतिपूर्वक नमाज होने के बाद पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस ली।