गांव दमदमा में अगस्त 2017 में चचेरे भाई की हत्या की थी, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। छह साल पहले गांव दमदमा में वेदपाल की गोली मारकर हत्या करने के मामले में जिला अदालत ने तीन भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी विक्रम व सुंदर पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना और मुंदर पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं सुनील कुमार दीवान की अदालत ने दिया है।
मृतक वेदपाल के पिता की शिकायत पर सोहना थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
अभियोजन पक्ष की तरफ से पेश हुए सहायक जिला न्यायवादी अशोक कुमार ने बताया कि मृतक के पिता गांव दमदमा निवासी करण सिंह ने पुलिस को बताया था कि वह 9 अगस्त 2017 की सुबह करीब
साढ़े छह बजे घर के बाहर बैठकर हुक्का पी रहे थे। इसी दौरान उनका बेटा वेदपाल सैर करके घर आया था। इसी दौरान उनके छाेटे भाई हुकुम सिंह के बेटे विक्रम, सुंदर और मुंदर घर पर आए और उसके बेटे को पकड़ लिया। इसके बाद मुंदर ने सिर में गोली मार दी। वारदात के बाद सभी फरार हो गए। करण सिंह ने अपने दूसरे बेटे की मदद से वेदपाल को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर डॉक्टर ने वेदपाल को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर मुंदर को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसके पास से एक कट्टा और वारदात में इस्तेमाल की गई लूट की मोटरसाइकिल को बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने विक्रम और सुंदर को भी गिरफ्तार कर लिया। नायाब कोर्ट सुरेश कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने मुंदर को हत्या के साथ ही लूट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में सजा दी है।
दुकानदार से लूटी थी मोटरसाइकिल
हत्या की वारदात को अंजाम देने से पहले मुंदर ने बीएसएफ कैंप के सामने एक दुकानदार को पिस्टल दिखाकर उसकी मोटरसाइकिल लूट ली थी। पीड़ित विजय पाल ने पुलिस थाने में जाकर शिकायत दी थी। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने के बाद मोटरसाइकिल को बरामद कर लिया था।