- सिग्नेचर टावर से भीमगढ़ खेड़ी तक होगी सफाई, 1.08 करोड़ रुपये खर्च करेगा जीएमडीए
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) मानसून से पहले मास्टर बरसाती नाला लेग-II की सफाई और उसमें अवैध सीवर कनेक्शनों को हटाने की तैयारी कर रहा है। इसपर करीब 1.08 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जीएमडीए ने टेंडर जारी कर दिया है। कार्यकारी अभियंता विक्रम सिंह ने बताया कि हाई-पावर सुपर सकर मशीनों की मदद से गाद हटाने के साथ-साथ अवैध निकास बिंदुओं को बंद किया जाएगा। इस पूरे काम को तीन माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यहां से गुजरता है नाला
लेग-II ड्रेन सुपर मार्ट सेक्टर-27 से नजफगढ़ ड्रेन से यमुना नदी में मिलती है। यह नाला सेक्टर-29/41, सिग्नेचर टावर (एनएच-48), अतुल कटारिया चौक, शीतला माता रोड, अशोक विहार, रेलवे कल्वर्ट नंबर-50, गांव धरमपुर और सेक्टर-107 जैसे प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरता है। जीएमडीए इस नाले के सिग्नेचर टावर से भीमगढ़ खेड़ी भाग की सफाई कराने जा रहा है। इस दौरान नाले में जमा गाद हटाई जाएगी और अवैध रूप से जोड़े गए सीवर कनेक्शनों की पहचान कर काटा जाएगा।
यहां है अवैध कनेक्शन
ड्रेन का एक हिस्सा आयुध डिपो के 900 मीटर प्रतिबंधित क्षेत्र से होकर गुजरता है जहां अवैध कॉलोनियों में सीवर व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग अपने घरों का सीवर सीधे ड्रेन में जोड़ रहे हैं। इसके चलते गंदा पानी नजफगढ़ ड्रेन के माध्यम से आगे यमुना नदी में पहुंच रहा है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी जीएमडीए को अवैध सीवर कनेक्शनों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं।
अवैध कनेक्शनों की पहचान चुनौतीपूर्ण : यह आरसीसी बॉक्स टाइप ड्रेन जमीन के नीचे बनी हुई है, जिसके कारण अवैध कनेक्शनों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण है। यह ड्रेन प्रतिदिन करीब 10 एमएलडी उपचारित और 52 एमएलडी अनुपचारित अपशिष्ट जल वहन करती है। ड्रेन के पानी की गुणवत्ता बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड के हिसाब से बेहद खराब श्रेणी में है।
यमुना का पानी हो रहा दूषित
लेग-II ड्रेन से पानी नजफगढ़ ड्रेन से यमुना नदी में जाता है। एक अनुमान के अनुसार इसमें करीब 40 एमएलडी बिना ट्रीट किया हुआ गंदा पानी बह रहा है। जीएमडीए करीब नौ किमी नाले में गंदे पानी को रोकने पर काम कर रहा है। बात दें कि शहर में तीन बरसाती प्रमुख नाले हैं। इसमें लेग-II एक प्रमुख नाला है।