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Gurugram News: ऑनलाइन शॉपिंग से घर आ रहे लड्डू गोपाल

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जन्माष्टमी पर बाजार में उपलब्ध 56 भोग की थाली
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बाजारों में कृष्णा की भक्ति का चढ़ा रंग... झूले, पोशाक और बांसुरी की धूम
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जन्माष्टमी के त्योहार पर लड्डू गोपाल के झूले, पोशाक और छप्पन भोग की धूम है। मंदिरों और घरों में लड्डू गोपाल को माखन मिश्री, फल और विशेष मिठाइयों का भोग लगाया जाएगा। फलों के बाजार में अमरूद, सेब, नाशपाती, केला, अनार और अनानास की खेप आई है।
शहर की मिठाइयों की दुकानों में छप्पन भोग की थालियां उपलब्ध हैं। इनमें व्रत वाली और बिना व्रत वाली थालियां शामिल हैं। ये थालियां लड्डू गोपाल की फोटो, मयूरपंख और बांसुरी से सजी हैं। ऑनलाइन खरीदारी में भी ये सभी वस्तुएं मिल रही हैं। गुरुग्राम के मिठाई विक्रेताओं ने बताया कि चीनी की बढ़ी कीमतों का असर अभी नहीं है। हालांकि, बढ़ी हुई महंगाई का असर मिठाइयों पर साफ दिख रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में मिठाइयों की कीमतें औसतन 10 फीसदी अधिक हैं। फलों की कीमतों में भी 10 से 20 फीसदी का उछाल देखा गया है।
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नारियल सैंडविच बर्फी विशेष रूप से बनाई
मिठाइयों की श्रृंखला विक्रय केंद्र के महाप्रबंधक सुनील दत्त कथूरिया ने बताया कि व्रत और बगैर व्रत वाली छप्पन भोग की थाल की कीमत 1820 रुपये और 1990 रुपये है। लड्डू गोपाल के लिए धनिया पंजीरी, नारियल पंजीरी, मथुरा गोली, मथुरा पेड़ा और सादा पेठा जैसी मिठाइयां तैयार की गई हैं। सूखे मेवे नारियल लड्डू, सूखे मेवे नारियल बर्फी और नारियल सैंडविच बर्फी भी विशेष रूप से बनाई गई हैं, जिन्हें व्रत में खाया जा सकता है। बिना व्रत वाली थाल में पिन्नी, लड्डू और डोडा जैसी अनाज वाली मिठाइयां शामिल हैं। पंजीरी की कीमत 809 रुपये प्रति किलो है, जिस पर जीएसटी अलग से लगेगा।
ऑनलाइन खरीदारी का बढ़ा रुझान
ऑनलाइन खरीदारी में भी छप्पन भोग की थाली उपलब्ध है। यहां इन थालियों की कीमत औसतन 3000 रुपये से 5000 रुपये तक है। इन ऑनलाइन थालियों में जन्माष्टमी के लिए 56 किस्मों की मिठाइयां रखी गई हैं। सूखे मेवों से बने लड्डू की कीमतें उनमें डाले गए मेवों के अनुसार अलग-अलग हैं। यह ऑनलाइन विकल्प ग्राहकों के लिए सुविधाजनक साबित हो रहा है।
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केक काटकर मनाएंगे जन्माष्टमी
ओम शांति रिट्रीट सेंटर और ब्रह्माकुमारी संस्थानों में इस बार जन्माष्टमी पर कान्हा के जन्मोत्सव को एक अनोखे और सात्विक रूप में मनाने की तैयारी है, जिसमें पारंपरिक झांकियों और भजनों के साथ सात्विक केक काटकर प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।

जन्माष्टमी पर बाजार में उपलब्ध 56 भोग की थाली

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