गुरुग्राम। लोगों की किडनी निकालकर न सिर्फ देश के नामचीन बल्कि विदेश के धनी लोगों को लाखों में बचने वाले शहर के डॉ. अमित राउत के बेटे डॉ. अक्षय की शहर में करोड़ों की संपत्ति है। मामले के खुलासे के चार साल बाद भी पुलिस उसकी संपत्ति को हाथ नहीं लगा सकी है। हालांकि अब डॉ. अक्षय की तलाश में उसके डीएलएफ फेस वन स्थित मकान पर छापा मारने आई उत्तराखंड पुलिस असफल होने के बाद यह मुनादी कर गई है कि अगर अक्षय ने सरेंडर नहीं किया तो उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।
किडनी किंग के नाम से कुख्यात शहर के डॉ. अमित राउत ने अपने गोरखधंधे की शुरुआत मुंबई से की थी। वहां वह अस्पताल में आए गरीब व नासमझ लोगों की किडनी निकालकर देश के नामचीन व विदेश के धनी लोगों को 70 लाख से एक करोड़ रुपये में बेचता था। 2017 में इसका पर्दाफाश होने के बाद उसे हरियाणा के पंचकूला से गिरफ्तार किया गया था। पूरे देश में उसके पास अरबों की संपत्ति है। चार साल पहले देहरादून पुलिस ने किडनी किंग डॉ. अमित राउत एवं उसके भाई डॉ. जीवन राउत को गिरफ्तार किया था। इस समय वह देहरादून जेल में बंद हैं। मामले में किडनी किंग से जुड़े कुल 17 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जांच में पता चला था कि डॉ. अमित को इस गोरखधंधे में मदद करने वाला उसका ही बेटा डॉ. अमित है। पुलिस तब से ही फरार चल रहे डॉ. अमित की तलाश कर रही है।
दो करोड़ का ले रखा है लोन
देहरादून पुलिस में सब इंस्पेक्टर भुवनचंद्र पुजारी का कहना है कि डॉ. अमित के बेटे अक्षय का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। डॉ. अक्षय के ऊपर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है। जांच में पता चला है कि जिस मकान पर पुलिस ने छापा मारा उस पर भी डॉ. अक्षय ने दो करोड़ रुपये का लोन ले रखा है। इसके अलावा गुरुग्राम के सेक्टर-23, डीएलएफ फेज-पांच सहित कई इलाकों में उसकी करोड़ों रुपये की संपत्ति है। डीएलएफ फेस-वन स्थित उसके मकान डी-5/29 पर छापेमारी के दौरान सिर्फ गार्ड ही मिला। मकान के गेट पर नोटिस चस्पा कर इलाके मेें मुनादी कर दी गई है कि या तो डॉ. अमित सरेंडर कर दे वरना संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन-
डॉ. अक्षय किडनी बेचने के गोरखधंधे के खुलासे के बाद से ही फरार चल रहा है। उत्तराखंड पुलिस को जांच व उसकी तलाश में सहयोग किया जा रहा है। जल्द ही वह गिरफ्त में होगा। - सुभाष बोकन, पुलिस पीआरओ