- दिव्यांग बच्चों के लिए प्रेरणा बना विश्वास विद्यालय: जस्टिस ललित बत्रा
- नि:शुल्क शिक्षा व थेरेपी सुविधाओं की सराहना, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा मानवाधिकार आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस ललित बत्रा ने सेक्टर-46 स्थित विश्वास विद्यालय एंड डिसेबिलिटी रिसोर्स सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्रत्येक कक्षा में जाकर बच्चों की पढ़ाई, खेल और प्रशिक्षण गतिविधियों को देखा तथा विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी रुचियों के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शतरंज और टेबल टेनिस खेलते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही कम्प्यूटर लैब, संगीत कक्ष, स्पोर्ट्स गतिविधियां, साइन लैंग्वेज प्रशिक्षण और थेरेपी सत्रों का भी अवलोकन किया। बच्चों का आत्मविश्वास और सक्रिय भागीदारी देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
जस्टिस बत्रा ने कहा कि यह संस्थान केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि दिव्यांग बच्चों के लिए आत्मनिर्भरता और सम्मान का सशक्त मंच है। यहां शिक्षा के साथ जीवन कौशल, तकनीकी प्रशिक्षण, खेल और संगीत के माध्यम से बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। संस्था की शुरुआत वर्ष 2005 में तीन लोगों की टीम से हुई थी और आज यह करीब 1900 दिव्यांग बच्चों व युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला चुकी है। वर्तमान में 300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें विशेष आवश्यकता वाले बच्चे भी शामिल हैं। यहां सभी को निशुल्क शिक्षा और थेरेपी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इस मौके पर कुलदीप जैन, दीप भाटिया, रजिस्ट्रार रवि कुमार सौंधी, असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा, जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी सरफराज खान, डॉ. पुनीत अरोड़ा, सरफराज खान, सेंटर की चेयरपर्सन नीलम, कम्युनिकेशन मैनेजर शोभा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।