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Gurugram News: ब्रिटिश कंपनी के सहयोग से साइबर सिटी में विकसित होगा जंगल

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गुरुग्राम के सेक्टर-109 की दस एकड़ जमीन पर मियावाकी तकनीक से होगा तैयार
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हरियाली के लिए नगर निगम, जीएमडीए और ब्रिटिश कंपनी डिलायट मिलकर करेंगे काम
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। प्रदूषण की समस्या को देखते हुए गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण ने शहर के बीचों बीच एक जंगल विकसित करने की तैयारी कर ली है। सेक्टर-109 में इसके लिए 10 एकड़ जमीन को चिन्हित किया गया है। ब्रिटिश कंपनी डिलायट के सहयोग से नगर निगम और जीएमडीए मियावाकी पद्धति से इस जंगल को तैयार करेंगे। मियावाकी पौधरोपण की एक जापानी विधि है। यह तकनीक कम जमीन पर घना जंगल विकसित करने में कारगर है।
जिले के जंगल क्षरण में सुधार इसका मुख्य लक्ष्य है। अगले दो से तीन वर्ष में इस योजना के पूरा होने की उम्मीद है। शहरीकरण के कारण घट गए जंगल की वजह से शहर बीते लंबे समय से वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। वर्ष 2021 में जारी एफएसआई की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 2.5 वर्ग किलोमीटर जंगल कम हो चुका है। इसे देखते हुए मुख्य जंगल से अलग शहर के सेक्टर-109 में यह वन विकसित किया जा रहा है। यह योजना जिले के वायुमंडल के लिए जीवन दायनी साबित होने वाली है। उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में विकसित होने वाला यह जंगल ग्लोबल वार्मिंग से लड़ने में सहायक साबित होगा।
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दो करोड़ होंगे खर्च
जीएमडीए के मुताबिक इस जंगल को विकसित करने में करीब दो करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। विकसित होने वाले इस जंगल में देसी प्रजाति के पेड़ पौधे लगाए जाएंगे। इनमें बरगद, पीपल और नीम आदि के पौधों को वरीयता दी जाएगी।
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क्या है मियावाकी विधि
यह पौधरोपण करने की एक पद्धति है, जो घने जंगल विकसित करने में मदद करती है। इस तकनीक से पौधों की वृद्धि 10 गुना तेजी से होती है। सामान्य तरीके से विकसित जंगल के मुकाबले मियावाकी विधि के उपयोग से विकसित जंगल की सघनता 30 गुना अधिक होती है।
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क्या होंगे फायदे
- प्रदूषण में आएगी कमी
- शहरवासियों को मिलेगी शुद्ध हवा
- वायु मंडल में मौजूद गैस होंगी संतुलित
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