जगन्नाथमय हुआ शहर, जमकर झूमे श्रद्धालु, क्रेन से अर्पित किया छप्पन भोग
सेक्टर 45 से साइबर पार्क, झाड़सा रोड, सेक्टर 15, मोर चौक, गुरुद्वारा रोड होकर कंपनी बाग पहुंची रथ यात्रा
संवाद न्यूज एजेंंसी
गुरुग्राम। रथयात्रा ने शहर को भगवान जगन्नाथमय बना दिया। पारंपरिक पोशाकों में राधा-कृष्ण जैसी सज-धज कर महिलाएं और पुरुषों ने खूब नृत्य किया। सेक्टर 45 इस्कॉन की ओर से आयोजित जगन्नाथ रथ यात्रा शहर के कई हिस्सों से गुजरी। कई स्थानों पर रुकी, जहां भक्तों ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन किए। क्रेन से छप्पन भोग अर्पित किया गया।
रथयात्रा के साथ रथ को खींचने वालों की होड़ थी। बैंड बाजे के साथ हरि बोल के उद्घोष हो रहे थे। गायक कई अंदाज और तरीके से हरे कृष्ण-हरे कृष्ण, कृष्ण, कृष्ण हरे-हरे... गा रहे थे। रथयात्रा की शुरुआत के साथ बारिश हुई। मौसम नम हो गया। श्रद्धालुओं को बारिश की हल्की फुहारों के बीच तापमान में आई कमी के कारण चलना आसान हो गया।
सेक्टर 45 स्थित इस्कॉन मंदिर के आयोजकों के अनुसार करीब 25 हजार लोग इस यात्रा का हिस्सा बने। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियां सुबह 11 बजे मंदिर परिसर में पहुंचीं, उनका अपार हर्ष, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ स्वागत किया गया।
यात्रा इस्कॉन सेक्टर 45 मंदिर से शुरू हुई, जिसमें तीनों देवताओं को भव्य रूप से सुसज्जित लोहे के रथ पर बिठाया गया, जिसे ताजे फूलों, हरे पत्तों और रिबन से सजाया गया था। हजारों भक्तों ने साइबर पार्क, सेक्टर 40 मार्केट, झाड़सा रोड, सेक्टर 15 मेन रोड, मोर चौक, गुरुद्वारा रोड, सोहना चौक, सदर बाजार, अग्रसेन चौक और श्यामा रेस्टोरेंट सहित शहर के प्रमुख मार्गों से रथ को खींचा और कंपनी बाग में समापन किया।
मंदिर प्रभारी अच्युत हरिदास ने आभार व्यक्त किया और कहा कि हम उन सभी के आभारी हैं, जिन्होंने इस आध्यात्मिक उत्सव में शांतिपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में नृत्य नाटिका और ऊर्जावान मृदंग प्रदर्शनों सहित सांस्कृतिक प्रदर्शन भी शामिल थे।
बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। यात्रा कंपनी बाग मैदान में पूरी हुई, जहां बच्चों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किए। भक्तों को प्रसाद बांटा गया।
सोसाइटी में गूंजा हरि बोल
एस्सेल टावर सोसाइटी में धूमधाम से श्री जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली गई। यात्रा में सोसाइटी के लोगों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ हिस्सा लिया। डॉ. सुनील सैनी और मीना सैनी ने रथ यात्रा के आयोजन में मुख्य भूमिका निभाई। बादशाहपुर इस्कॉन से जुड़े लोग भी इसमें शामिल हुए। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राजीव सिन्हा ने कार्यक्रम का संयोजन किया।
यह भगवान की करुणा का साकार रूप है। जगन्नाथ सभी को दर्शन देने के लिए बाहर आते हैं। मंदिर की सीमाओं को पार करते हैं और रथ यात्रा के दौरान लाेगों के दिलों में प्रवेश करते हैं। - वृंदावन पुरंदर प्रभु
जहां-जहां से रथयात्रा गुजरी है, श्रद्धालुओं की भक्ति देखने लायक है। नाचते-गाते लोग भगवान के इस करुणा रूप के दर्शन से विह्वल है। गुरुग्राम शहर में एक मिनी इंडिया बसता है। हमारी संस्कृति की सुंदरता इस यात्रा में जीवंत हो रही है। -रामभद्र दास
आज पूरा गुरुग्राम आनंदमय है। हमें इस रथयात्रा में बहुत अच्छा लग रहा है। गुरुग्राम में हम जगन्नाथ पुरी की झलक देख पा रहे हैं। काफी संख्या में महिलाएं आनंद से नृत्य कर रही हैं। यह बेहद खूबसूरत अनुभव है। -अनिरुद्धा प्रिया देवी
हमारी सोसाइटी के लोगों में रथयात्रा के लिए बहुत उत्साह है। पिछले तीन साल से सोसाइटी में श्री जगन्नाथ रथ यात्रा आयोजित होती है। यह दिव्य उत्सव हमें देश की सांस्कृतिक एकता के सूत्र में बांधता है। आनंद और श्रद्धा की भावना जीवन में सकारात्मकता भरती है। -राजीव सिन्हा, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, एस्सेल टावर