मृदंग की धुन पर पर नाचते और गाते भक्तजन हरि बोल के जयकारे लगाते हुए झूमते रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जय जगन्नाथ के जयघोष के बीच शुक्रवार को शहर में श्री जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा की रथ यात्रा निकाली गई। इस दौरान मृदंग की धुन पर पर नाचते और गाते भक्तजन हरि बोल के जयकारे लगाते हुए झूमते रहे।
सुशांत लोक स्थित साईं का आंगन में आध्यात्मिक विचारक डॉ. चंद्र भानु सतपथी के नेतृत्व में श्री जगन्नाथ यात्रा निकाली गई। इस कार्यक्रम में हरियाणा के राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय और जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने भगवान जगन्नाथ का पूजा और आरती की।
संगठन के अध्यक्ष डाॅ. सीबी सतपथी ने रथ यात्रा के पहले झाड़ू लगाकर भगवान के रास्ते को साफ किया। डॉ. सीबी सतपथी ने कहा कि इस रथ यात्रा का सांकेतिक महत्व समझना जरूरी है। भगवान बिना भेदभाव सबसे द्वार जाते हैं। भगवान का रथ कोई भी भक्त खींच सकता है।
मंदिर परिसर में मृदंग, मंजीरे और नृत्य करते लोक नर्तकों के साथ रंग-बिरंगे परिधानों में ओडिशा की संस्कृति को जीवंत कर रहे थे। काफी संख्या विदेशी मेहमान और महिलाएं इस कार्यक्रम में मौजूद थीं। डॉ. सीबी सतपथी कल्चरल फाउंडेशन की ओर से इस मौके पर भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का आध्यात्मिक महत्व बताया गया।
उधर, सेक्टर 15 पार्ट टू स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में सुबह से पूजन का कार्यक्रम चल रहा था। भगवान के रथ के पूजन के बाद रथ यात्रा सेक्टर 15 के विभिन्न हिस्सों में घूमने के बाद मंदिर पहुंची। जगन्नाथ सेवा संघ की ओर से आयोजित गुंडिचा रथ यात्रा में मंदिर के प्रधान एपी मलिक, महासचिव प्रभाकर सामल, एचआर मोहंती, मोनालिसा बैरागी, गोविंद रमेश आदि ने मुख्य भूमिका निभाई।
वहीं सेक्टर 43 स्थित हनुमान मंदिर परिसर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की यात्रा धूमधाम से निकाली गई। रथ यात्रा में राजा की भूमिका में आलोक राय ने रथ के रास्ते पर झाड़ू लगाया। मंदिर के अध्यक्ष सीवी सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस रथ यात्रा के पूजन कार्यक्रम में सुरेश अग्रवाल, पं. राकेश शास्त्री आदि ने मुख्य भूमिका निभाई। श्री जगन्नाथ का रथ पावरग्रिड सोसाइटी के पास मंदिर से शुरू होकर व्यापार केंद्र और गैलेरिया मार्केट होते हुए दोबारा मंदिर परिसर पहुंची। रास्ते भर जय जगन्नाथ और हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण-कृष्ण, हरे-हरे के भजन गूंजते रहे। एस्सेल टावर सोसाइटी में भी शुक्रवार की शाम इस्काॅन की ओर रथ यात्रा आयोजित की गई।