बदहाल सड़कें और भीषण ट्रैफिक जाम लाखों कामकाजी लोगों और उद्यमियों को परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। देश के प्रमुख औद्योगिक हब उद्योग विहार में बदहाल सड़कें और भीषण ट्रैफिक जाम लाखों कामकाजी लोगों और उद्यमियों के लिए जी का जंजाल बन चुके हैं। आलम यह है कि महज 500 मीटर का सफर तय करने में लोगों के 45 मिनट बर्बाद हो रहे हैं। ओल्ड दिल्ली रोड पर ज्वाला मिल और शंकर चौक की ओर से आने वाले दोनों मुख्य रास्ते गड्ढों और अव्यवस्था के कारण सुबह-शाम रेंगते नजर आते हैं। फेज एक से पांच के बीच स्थित करीब 2800 औद्योगिक इकाइयों में आने वाले लाखों कर्मचारियों का समय और ईंधन तो बर्बाद हो ही रहा है, उद्योगों को भी भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। अधिकारियों की सुस्ती का यह हाल है कि साल 2018 में हुए टेंडर के बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। एचएसआईआईडीसी और जीएमडीए के बीच खिंचे प्रशासनिक क्रेडिट वॉर और कागजी ट्रांसफर के फेर में उद्योग विहार की सड़कें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। एचएसआईआईडीसी के डीजीएम अरुण गर्ग का कहना है कि वर्ष 2018 में उद्योग विहार की सड़कों की जिम्मेदारी जीएमडीए को सौंप दी गई। इसके बाद से अब यह जीएमडीए के जिम्मे हैं।
पत्र लिखे पर नहीं हो रही सुनवाई
मई के महीने में मैंने जीएमडीए को पत्र लिखकर ज्वाला मिल से उद्योग विहार, श्याम चौक, एटलस चौक और शंकर चौक की सड़क को बेहतर कराने की मांग की थी। इसके पहले दिसंबर में भी इस बाबत पत्र लिखा। -अशोक कोहली, अध्यक्ष चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ऑफ उद्योग विहार
जाम को हटाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने भी कई प्रयोग किए लेकिन सारे विफल रहे हैं। उद्योग विहार में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के नए प्रयोग करने होंगे या तो एलिवेटेड सड़क बनाई जाए या अंडर पास बनाया जाए। -एचपी यादव, अध्यक्ष एनसीआर चैंबर ऑफ कॉमर्स
उद्योग विहार को जाम से बचाने के लिए एक ओर सड़क को चौड़ा किया जाना जरूरी है। वहीं, अतिक्रमण हटाना और फुटपाथ की नियमित सफाई जरूरी है। पार्किंग नहीं होने के कारण भी काफी दिक्कत आ रही हैं। -एपी जैन, संस्थापक उद्योग विहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
उद्योग विहार की कई सड़कें बहुत खस्ताहाल हैं। रोजाना आवाजाही में सुबह- शाम के जाम के कारण काफी वक्त बर्बाद हो रहा है। ईंधन, समय और उद्योगों को हानि हो रही है। -अक्षय अग्रवाल, संयुक्त सचिव, उद्योग विहार चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज