यात्रियों की सुविधा को देखते हुए डिपो प्रबंधन ने बस स्टैंड के लिए योजना तैयार की थी पर स्वीकृति न मिली
विराट त्यागी
गुरुग्राम। गुरुग्राम के बस अड्डे से प्रदेश के अन्य शहरों के लिए रोडवेज बसों से 15 हजार से ज्यादा यात्री हर दिन सफर करते हैं। इनकी सुविधा के लिए अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) के बनने में देरी के साथ ही परिसर में बनने वाला फूड कोर्ट भी अटक गया है। इससे बसों का इंतजार करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर बच्चों के साथ यात्रा करने वाले मुश्किल झेल रहे हैं।
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए डिपो प्रबंधन ने बस स्टैंड पर फूड कोर्ट बनाने की योजना तैयार की थी। परिसर में फूड कोर्ट का नक्शा बनाकर मुख्यालय भी भेज दिया गया है लेकिन वह मुख्यालय की स्वीकृति न मिलने के चक्कर में अटक गया है। मई में डिपो प्रबंधन की तरफ से फूड कोर्ट का नक्शा बनाकर भेजा गया था। डिपो प्रबंधन की तरफ से बस स्टैंड परिसर में एक ही जगह पर छोटी-बड़ी मिलाकर 22 दुकानें बनाए जाने की योजना है।
मौजूदा समय में दुकानों का अप्रैल में हो चुका है समय पूरा
बस स्टैंड परिसर में मौजूदा समय में जाे दुकानें चल रही हैं, उनका टेंडर अप्रैल में ही पूरा हो गया था। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। दोबारा से टेंडर न होने की वजह से बस स्टैंड परिसर में आठ दुकानें बिना कोई शुल्क दिए ही संचालित की जा रही हैं। गुरुग्राम डिपो से प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्री यात्रा करते हैं। अभी बस स्टैंड पर परिसर में अलग-अलग जगहों पर दुकानें हैं।
बस स्टैंड परिसर में फूड कोर्ट बनाने के लिए मुख्यालय पत्र भेज दिया गया है। अनुमति मिलने के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- भरत भूषण गोगिया, महाप्रबंधक, गुरुग्राम डिपो