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Gurugram News: बीमा पॉलिसी में गलत पता होने पर रोका था क्लेम, अब ब्याज समेत देंगे 1.68 करोड़ रुपये

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उपभोक्ता आयोग से
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शिकायतकर्ता महिला को मानसिक परेशानी के लिए 10 लाख रुपये का मुआवजा देना होगा



संवाद न्यूज एजेंसी

गुरुग्राम। बीमा पॉलिसी में गोदाम का पता गलत दर्ज होने पर रोके गए क्लेम ब्याज के साथ 1.68 करोड़ रुपये कंपनी को शिकायतकर्ता को देने होंगे। उपभोक्ता आयोग ने कंपनी के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि कंपनी कर्मी गोदाम पर सामान की जांच करने के लिए भी जाती थी। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है।

न्यू कॉलोनी स्थित मोहिनी ट्रेडर्स की मालिक सुनीता गोयल की तरफ से आयोग में दायर की गई याचिका में बताया गया कि उनके गोदाम में खाद्य और उपभोक्ता वस्तुओं के वितरक का सामान रखते थे। तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक कंपनी से अपने गोदाम का बीमा कराया था। उन्होंने बताया कि नौ जून 2019 को उनके गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। इसकी सूचना पुलिस के साथ ही दमकल विभाग को भी दी गई थी। आग लगने से उनके गोदाम में करीब 1.74 करोड़ रुपये का सामान रखा हुआ था उसमें से 1.68 करोड़ रुपये का सामान जलकर खराब हो गया था। बीमा कंपनी को जब इसकी सूचना दी गई तो कंपनी की तरफ से एक व्यक्ति ने आकर सामान की जांच की। जांच करने के बाद कहा गया कि 2.97 लाख रुपये का ही सामान जलकर खराब हुआ है। क्लेम देने के दौरान कंपनी ने कहा कि पॉलिसी पर जो पता लिखा है उस जगह पर गोदाम नहीं है।
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उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि कंपनी की तरफ से बीमा देने के बाद समय-समय पर गोदाम में रखे गए सामान की जांच भी की जाती थी। इसके साथ ही आग को लगाया नहीं गया था। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि शिकायतकर्ता महिला को 1.68 करोड़ रुपये नौ प्रतिशत की दर से दें। इस दौरान उन्हें हुई मानसिक परेशानी को देखते हुए 10 लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 55 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
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