अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने न्यू गुरुग्राम में मास्टर सीवरेज और बरसाती नाले की परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारियों को लंबित और छूटे हुए कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। ढेसी ने दोनों प्राधिकरणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। ढेसी ने कहा कि न्यू गुरुग्राम में एक एकीकृत ड्रेनेज नेटवर्क का विकास सुनियोजित तरीके से होना चाहिए। सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना अत्यंत आवश्यक है।
जीएमडीए अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-68 से 75 और 76 से 80 तक बरसाती नाले के नेटवर्क बिछाने का कार्य प्रगति पर है। एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह ने बताया कि सेक्टर-81 से 95 तक का नेटवर्क दो चरणों में बन रहा है। प्रथम चरण (सेक्टर 81 से 87) पूरा कर जीएमडीए को सौंपा जा चुका है। दूसरे चरण (सेक्टर 88 से 95) का निर्माण अंतिम चरण में है, जिसे जल्द ही जीएमडीए को हस्तांतरित किया जाएगा।
एचएसवीपी ने पूर्व में सेक्टर-112 से 115 तक के कुछ हिस्से में स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण किया था। अब इन सेक्टरों में ड्रेनेज का कार्य जीएमडीए को हस्तांतरित कर दिया गया है। बैठक में बताया गया कि सेक्टर 83 से 95 तक के वर्षा जल को पूर्ण ड्रेनेज नेटवर्क तैयार होने तक चिह्नित खुले हरित क्षेत्रों की ओर मोड़ा जा रहा है। जीएमडीए अधिकारियों ने बताया कि इस संयंत्र की पूर्व में क्षतिग्रस्त हुई ट्रीटेड वाटर चैनल की मरम्मत कर उसे पुनः चालू कर दिया गया है। इससे झज्जर जिले के किसानों को सिंचाई के लिए शोधित जल की आपूर्ति फिर से शुरू हो गई है। ढेसी ने एचएसवीपी को झज्जर सिंचाई विभाग से समन्वय कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए।