सेक्टर-31, पंचगांव चौक, फौजी दा ढाबा और ला लैगून इंटरसेक्शन पर खामियां चिन्हित
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला प्रशासन दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की संख्या कम करने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। इसके तहत गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस, ट्रैफिक इंजीनियरिंग सेल, रोड सेफ्टी ऑफिसर्स और राहगीरी फाउंडेशन की संयुक्त टीम ने शहर के चार प्रमुख ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क की मौजूदा स्थिति का आकलन किया गया। सेक्टर-31, पचगांव चौक, फौजी दा ढाबा और ला लैगून इंटरसेक्शन पर दुर्घटनाओं का कारण बनने वाली खामियों की पहचान कर सुधार के लिए सुझाव दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सेक्टर-31 के पास ब्लैक स्पॉट पर रिफ्लेक्टिव रोड मार्किंग नहीं होने, सर्विस रोड पर स्ट्रीट लाइट की कमी तथा गलत दिशा में वाहनों के संचालन को प्रमुख समस्या माना गया। टीम ने रिफ्लेक्टिव रोड मार्किंग कराने, सर्विस रोड पर मौजूदा बैरियर बढ़ाने, स्ट्रीट लाइट लगाने और एग्जिट पर रिफ्लेक्टर लगाने की सिफारिश की। इसी प्रकार फौजी दा ढाबा के पास अनधिकृत रूप से खोले गए डिवाइडर को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण माना गया। यहां वाहनों के अनियमित मोड़ और गलत दिशा से आने वाले वाहनों के कारण टकराव की आशंका बनी रहती है। टीम ने अनधिकृत डिवाइडर को बंद करने, गति नियंत्रण उपकरण लगाने, साइन बोर्ड, स्ट्रीट लाइट और रोड मार्किंग लगाने का सुझाव दिया।
पचगांव चौक पर मीडियन में बड़ा गैप और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग का अभाव गंभीर समस्या के रूप में सामने आया। इसके कारण वाहन अनियंत्रित तरीके से मुड़ते हैं और पैदल यात्रियों के साथ दुर्घटना का खतरा बना रहता है। टीम ने सड़क पर स्पष्ट मार्किंग, साइन बोर्ड, कैट-आईज, एडवांस वार्निंग साइन लगाने के साथ सुरक्षित पैदल यात्री क्रॉसिंग विकसित करने और पूरे जंक्शन के पुन: डिजाइन की सिफारिश की।
वहीं गोल्फ कोर्स रोड स्थित ला लैगून इंटरसेक्शन पर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग नहीं होने और तेज रफ्तार सड़क पार करने की मजबूरी को गंभीर खतरा माना गया। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि गोल्फ कोर्स रोड से ला लैगून रोड की ओर दोपहिया वाहन चालक गलत दिशा में प्रवेश करते हैं। टीम ने यहां फुटओवर ब्रिज या सिग्नल युक्त पैदल यात्री क्रॉसिंग बनाने, पैदल यात्रियों के लिए फेंसिंग, एडवांस वार्निंग साइन लगाने तथा सेक्टर-54 चौक मेट्रो स्टेशन की ओर मर्जिंग सेक्शन शिफ्ट कर गलत दिशा में वाहन संचालन रोकने की संभावनाओं पर विचार करने का सुझाव दिया। अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सड़क सुरक्षा कमेटी के सामने रखी गई है। इसे संबंधित एजेंसियों को भेजा जाएगा ताकि आवश्यक इंजीनियरिंग सुधार कर दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
कमेटी ने विभागों को जरूरी कदम उठाने को कहा
शहर में बिलासपुर चौक, बिनोला, पचगांव चौक, मानेसर, नरसिंहपुर, खांडसा, नाहरपुर, सेक्टर-31, बादशाहपुर चौक, वाटिका चौक, नखरौला चौक तथा एयरिया मॉल सहित 21 ब्लैक स्पॉट्स हैं। सड़क सुरक्षा कमेटी ने एचएचएआई, जीएमडीए समेत अन्य विभागों को जरूरी कदम उठाने को कहा है। इन स्थानों पर सड़क चिह्नांकन, स्ट्रीट लाइट, संकेतक बोर्ड, पैदल पार पथ, अवैध कट बंद करने तथा अन्य सुधार कार्यों पर जोर है।
सड़क हादसों में कमी लाने के लिए पुलिस लगातार विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की खामियों को दूर कराया जा रहा है। हाईवे पर गलत दिशा या गलत लेन में चलने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
-सत्यपाल यादव, एसीपी (यातायात मुख्यालय/हाईवे)