गुरुग्राम। कोरोना महामारी के कारण उद्योग जगत भंवर में फंस चुका है, क्योंकि औद्योगिक इकाइयों में प्रोडक्शन करने के लिए पर्याप्त कच्चा माल नहीं मिल रहा है। ऐसे में स्टॉक से ही उत्पादन किया जा रहा है। अगर लॉकडाउन आगे बढ़ता है तो कच्चे माल की किल्लत होगी। उद्योगपति भी मान रहे हैं कि स्टॉक खत्म होने के बाद कंपनियों में कामकाज ठप हो जाएगा, जिससे श्रमिकों को खाली बैठाकर वेतन देना पड़ेगा।
गुरुग्राम की औद्योगिक इकाइयों में दिल्ली के बाजारों से कच्चा माल मिलता है, जिसमें कपड़ा, धागे, एसेसरीज बनाने का सामान, ग्रीस, एल्यूमुनियन, लोहा, स्विच, गाड़िया में लगने वाले पार्ट्स का सामान शामिल है। लेकिन लॉकडाउन के कारण दिल्ली के बाजार लगभग एक माह से बंद हैं। जिस कारण गुरुग्राम की कंपनियों को कच्चा माल नहीं मिल रहा। उत्पादन के लिए सामान नहीं मिलने से गुरुग्राम के उद्योग जगत को काफी नुकसान हो रहा है। छोटी-छोटी औद्योगिक इकाइयों के संचालक उद्योग एसोसिएशन के पदाधिकारियों से संपर्क करके इन समस्याओं का समाधान निकालने के लिए कह रहे हैं, ताकि उनको नुकसान होने से बचाया जा सके। लेकिन कोरोना महामारी के कारण एसोसिएशन के पास भी समस्याओं का कोई समाधान नहीं मिल पा रहा। संवाद
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कोरोना महामारी के दौर में औद्योगिक इकाइयों के समक्ष काफी चुनौतियों भरा समय चल रहा है। कच्चा माल नहीं मिलने से कंपनियों का उत्पादन भावित हो रहा है। यह स्थिति चलती रही तो कई छोटी-छोटी इकाइयां बंद होने के कगार पर आ जाएंगी। सरकार को नियम बनाकर कच्चे माल के बाजारों को खुलवाना चाहिए। - संजीव केड़िया, सह सचिव, गुड़गांव उद्योग एसोसिएशन