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1 जून के बाद गुरुग्राम में 6 गुना बढ़ गई मृतकों की संख्या

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गुरुग्राम। देश में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में गुरुग्राम भी शामिल हो गया है, जहां 1 जून के बाद कोरोना से मरने वालों की संख्या में 6 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, कोरोना मरीजों की संख्या भी 3.5 गुना बढ़ गई है। प्रदेश में कोरोना के लगभग 6000 मरीजों में से अकेले गुरुग्राम से ही 45 फीसदी मरीज शामिल हैं।
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जबकि प्रदेश में कोरोना से अब तक कुल 64 मरीजों की मौत हुई है, जिसमें 19 गुरुग्राम के शामिल हैं। गुरुग्राम के बाद फरीदाबाद व सोनीपत दो जिले ऐसे हैं, जो दिल्ली एनसीआर के सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
हरियाणा के इन्हीं तीन जिलों में से करीब 4000 मरीज शामिल हैं, जबकि प्रदेश में हुई 64 मौतों में से 46 इन्हीं तीन जिलों में हुई हैं। 31 मई को गुरुग्राम में कोरोना के कुल 774 मरीज थे और मरने वालों की संख्या 3 थी।
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11 जून को कुल मरीजों की संख्या 3.5 गुना से भी ज्यादा बढ़कर 2737 हो गई, जबकि मृतकों की संख्या 6 गुना बढ़कर 11 पर पहुंच गई। यहां तक कि बृहस्पतिवार को ही जिले में कोरोना से 6 मरीजों की मौत हो गई थी। 31 मई से 11 जून के बीच प्रदेश में कोरोना मरीजों व मृतकों की संख्या में 3 गुना तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 31 मई तक कुल 2091 मरीज थे, जबकि 20 मरीजों की मौत हुई थी। 11 जून को मरीजों की संख्या बढ़कर 5968 व मृतकों की संख्या 64 हो गई। हर 7 दिन में मरीजों की संख्या दोगुनी हो रही है तो स्वस्थ होने की दर भी 50.12 फीसदी से घटकर 37.87 फीसदी पर आ गई है। फरीदाबाद की बात करें तो 31 मई तक कुल 367 मरीज थे और मृतकों की संख्या 8 थी। 11 जून को कुल मरीज 929 हो गए और मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई। वहीं, सोनीपत में 31 मई तक कुल 199 मरीज थे और 1 मरीज की मौत हुई थी। 11 जून को मरीजों की संख्या बढ़कर 502 और मृतकों की संख्या 5 हो गई।
मृतकों में अधिकांश पहले से ही थे विभिन्न रोगों से ग्रस्त : सीएमओ
गुरुग्राम के सीएमओ वीरेंद्र यादव ने कहा कि जिले में जिन 19 मरीजों की मौत हुई है, वह पहले से ही डायबिटीज समेत विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त थे या फिर उनकी उम्र 60 साल से ज्यादा थी। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने भी गुरुग्राम सीएमओ की बातों से सहमति जताते हुए कहा कि कोरोना से मरने वाले अधिकांश मरीज पहले से ही विभिन्न बीमारियों से पीड़ित थे। बता दें कि वीरेंद्र यादव इससे पहले नूंह जिले के सीएमओ थे, जिन्हें कोरोना की प्रभावी रोकथाम का श्रेय जाता है, जहां कुल 100 ही मरीज हैं जबकि सिर्फ 1 मरीज की मौत हुई है। वीरेंद्र यादव ने कहा कि बतौर सीएमओ उनकी पहली प्राथमिकता यह होगी कि कोविड-19 जांच रिपोर्ट 36 घंटे में ही मिल जाए, जिसे आने में अभी 4-5 दिन लग रहे हैं। वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने कहा कि कोरोना मरीजों की संख्या को लेकर वह सजग हैं और स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
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