अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। वजीराबाद झील का कार्य अधूरा होने से लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। झील में गंदगी और पहुंचने का रास्ता टूटा हुआ है। यहां पर करीब 18 एकड़ में झील बनी है। सेक्टर-53 में वजीराबाद के पास चंडीगढ़ के सुखना लेक की तरह एक कृत्रिम झील बनाई गई है। यह भूजल संरक्षण, शोधित जल का आदर्श प्रयोग और पर्यटन की दृष्टि से लोगों के आकर्षण का केंद्र बनाने की योजना है।
पर्यावरण संरक्षण और अरावली की पहाड़ियों से आने वाले पानी को सेक्टरों और सोसाइटियों में जाकर जल भराव से रोकने की दिशा में इस झील को एक उपाय के तौर पर देखा जा रहा है। वजीराबाद में पहले से मौजूद जोहड़ का विस्तार करके करीब 18 एकड़ में कृत्रिम झील को तैयार किया जा रहा है। कृत्रिम झील में सीवेज शोधित जल का प्रयोग हो रहा है। हालांकि अभी झील को पूरी तरह से तैयार नहीं किया जा सका है। ऐसे में इसका लाभ लोग नहीं उठा पा रहे हैं।
स्थानीय निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि झील को पूरी तरह से तैयार नहीं होने से लोग जाने से बचते हैं। उनका कहना है कि झील के बाहर गंदगी की समस्या है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण झील को विकसित कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इसके अधूरे कार्य पूरे होने की उम्मीद है। प्रवक्ता का कहना है कि कृत्रिम झील गुरुग्राम के लिए टूरिस्ट हब बनेगी। यहां बोटिंग की सुविधा मिलेगी।